राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अजय राय ने की सिटिंग SC जज की निगरानी में जाँच की माँग...
कांग्रेस नेता अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, "योगी आदित्यनाथ 2003 में गोरखपुर से सांसद थे और उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। अगर तब कोई गड़बड़ी हुई थी तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? उनके पास अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं है।"
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि RSS प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की "स्वीकारोक्ति" है। मीडिया से बातचीत में अजय राय ने कथित गबन मामले की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा (सिटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जाँच कराने की माँग की।
मोहन भागवत के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की बात कही थी, अजय राय ने आरोप लगाया कि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था ही इस तरह बनाई गई थी कि वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा मिले।
RSS ने ख़ुद मान लिया कि चोरी हुई है- अजय राय
कांग्रेस नेता ने कहा, "इसका मतलब है कि RSS ने खुद मान लिया है कि चोरी हुई है। मोहन भागवत ने इसे स्वीकार कर लिया है। सवाल यह है कि व्यवस्था ऐसी क्यों बनाई गई, जिसमें चोरी की गुंजाइश थी? अब वे कहते हैं कि इसे ठीक करेंगे। इससे साफ है कि ये सभी एक ही खेल का हिस्सा हैं। यह चोरी का पैसा मोहन भागवत से लेकर पीएमओ तक पहुंचा है।"
अजय राय ने राज्य सरकार द्वारा गठित SIT पर भी उठाए सवाल
अजय राय ने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की जाँच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद आरोपों के घेरे में है तो उसी के अधीन काम करने वाली SIT से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, "जब सब लोग इसमें शामिल हैं, तो उसी सरकार के अधीन SIT जांच का क्या मतलब है? SIT दबाव में काम कर रही है। मैं सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में समयबद्ध जाँच की माँग करता हूँ।"
कांग्रेस नेता ने सीएम योगी पर साधा निशाना, कहा- वो लगातार झूठ बोल रहे हैं
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, "योगी आदित्यनाथ 2003 में गोरखपुर से सांसद थे और उस समय केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी। अगर तब कोई गड़बड़ी हुई थी तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? उनके पास अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं है।"
मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी एक व्यवस्थित प्रक्रिया थी- कांग्रेस नेता
इस बीच, SIT की प्रारंभिक जांच में राम मंदिर के चढ़ावा गिनने वाले कक्ष (Counting Room) में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामान में छिपाई थीं, जिससे संकेत मिलता है कि कथित चोरी एक व्यवस्थित और बार-बार होने वाली प्रक्रिया थी।
13 जुलाई को SC में सुनवाई में होगी इस मामले की सुनवाई
उधर, मामले की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुकी हैं। 13 जुलाई को इस मामले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं, सुनवाई करेगी।