गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर से प्रदेशव्यापी 'पौधरोपण महायज्ञ-2026' का शुभारंभ करते हुए एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के निकट नीम, पीपल और बरगद की पवित्र त्रिवेणी का पौधरोपण किया तथा बाद में ताल रिंग रोड किनारे मौलश्री का पौधा भी लगाया।

गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महायज्ञ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान तेज गति से बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है, वहीं वनाच्छादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

वनाच्छादन बढ़ने से पर्यावरण को मिला लाभ:

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पेड़ बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है और ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ने से 6.37 करोड़ टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और 4.63 करोड़ टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील:

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में धरती को माता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने अथर्ववेद के मंत्र 'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः' का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह धरती माता के संरक्षण में अपना योगदान दे। उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता, पूर्वजों या परिवार के किसी सदस्य की स्मृति में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।

जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन का असर मौसम चक्र पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्षा में देरी, बढ़ती गर्मी, अत्यधिक ठंड और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां कृषि उत्पादन और जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, जल स्रोतों का दोहन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की उपेक्षा के कारण आज पूरी मानवता इसके दुष्परिणाम झेल रही है।

एलईडी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा:

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, जिससे बिजली की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और सौर ऊर्जा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों के बिजली बिल कम हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है।

उज्ज्वला योजना का भी किया उल्लेख:

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में 10 करोड़ और उत्तर प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है।

किसानों को कार्बन क्रेडिट का लाभ:

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को कृषि के साथ वृक्षारोपण के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने अपने खेतों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया है, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत आर्थिक लाभ भी दिया जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने पौधरोपण करने वाले किसानों को प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन के पौधे भी भेंट किए।

'हरित गाथा' फिल्म और वानिकी कैलेंडर का विमोचन:

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा' लघु फिल्म और वर्ष 2026-27 के वानिकी कैलेंडर का विमोचन किया। फिल्म में पिछले नौ वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों को दर्शाया गया है।

वन मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां:

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार हरित क्षेत्र बढ़ाने के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अभियान के पूरा होने के साथ ही पिछले दस वर्षों में प्रदेश में कुल 275 करोड़ पौधों का रोपण हो जाएगा।

कार्यक्रम में मत्स्य मंत्री संजय निषाद, सांसद रवि किशन शुक्ल, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, विधायकगण, जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।