नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें भारतीय संगीत जगत की एक महान हस्ती बताया। उन्होंने कहा कि एस. जानकी की आवाज़ ने भाषाओं की सीमाओं को पार करते हुए करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में लिखा, "महान पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने संगीत जगत का एक महान सितारा खो दिया है। उनकी असाधारण गायकी ने कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। छह दशक से अधिक लंबे अपने शानदार करियर में उन्होंने हिंदी, ओड़िया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बंगाली सहित लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हजारों गीत रिकॉर्ड किए। उनका कालजयी संगीत हमेशा अमूल्य धरोहर बना रहेगा। मैं उनके परिवार और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।"

पीएम मोदी ने एस. जानकी के निधन को "अपूरणीय क्षति" बताया

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एस. जानकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे संगीत और संस्कृति जगत के लिए "अपूरणीय क्षति" बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि एस. जानकी की अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा ने हर भावना को अपनी आवाज़ दी और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी हमेशा मंत्रमुग्ध करते रहेंगे।

'नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध थीं एस. जानकी

दक्षिण भारत की "नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया" के नाम से प्रसिद्ध एस. जानकी का शनिवार को मैसूर के अपोलो अस्पताल में उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया। वह 88 वर्ष की थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार तड़के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

एस. जानकी भारत की सबसे सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में से एक थीं। छह दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए और अपनी बहुमुखी प्रतिभा, भावपूर्ण गायकी तथा भारतीय सिनेमा में अतुलनीय योगदान के लिए देशभर में अपार सम्मान हासिल किया।