आकाश आनंद की BSP में वापसी, मायावती ने फिर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी; ससुर के मुद्दे के बाद बदला फैसला

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद की दोबारा वापसी हो गई है। मायावती ने उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी है। कुछ समय पहले उन्हें पार्टी से बाहर किया गया था। अब यह फैसला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले BSP के संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

By  Laxman October 5th 2026 06:45 PM -- Updated: October 5th 2026 06:26 PM

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में पिछले कुछ समय से चल रहे संगठनात्मक बदलावों के बीच पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को फिर से बड़ी जिम्मेदारी दी है। मायावती ने आकाश आनंद को BSP का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी में उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका एक बार फिर बहाल हो गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। BSP लंबे समय से अपने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है।

आकाश आनंद की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही सप्ताह पहले मायावती ने उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था। सितंबर में पार्टी की बैठक के बाद आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया और बाद में उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया गया था। 

आकाश आनंद ने मायावती से मांगा था एक और मौका

पार्टी से बाहर किए जाने के बाद आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से मायावती से दोबारा काम करने का अवसर मांगा था। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा था कि BSP उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि परिवार है।

आकाश आनंद ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने मायावती के नेतृत्व में पार्टी और बहुजन आंदोलन के लिए काम करने की इच्छा जताई थी।

उनके इस सार्वजनिक रुख के बाद BSP के भीतर उनकी वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

अशोक सिद्धार्थ का मुद्दा भी रहा अहम

आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका को लेकर विवाद में उनके ससुर और BSP के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था।

मायावती ने पहले संकेत दिया था कि आकाश आनंद की पार्टी में सक्रिय भूमिका की वापसी पर विचार तभी किया जा सकता है, जब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से दूरी बना लें। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी हितों की तुलना में व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया था।

बाद में अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बदलाव देखने को मिले। इस पूरे घटनाक्रम का असर आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका पर पड़ा था।

मायावती ने क्यों बदला फैसला?

मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने के पीछे पार्टी हित और संगठनात्मक जरूरतों को प्रमुख कारण बताया है। उनके अनुसार पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और इसी आधार पर अतीत में परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी फैसले लिए गए हैं।

अब आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद मायावती ने उनसे संगठन के हित में काम करने और अपने व्यवहार में अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा जताई है।

इससे पहले मायावती ने यह भी कहा था कि पार्टी में किसी को भी केवल पारिवारिक संबंधों के आधार पर जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। आकाश आनंद की वापसी ऐसे समय हुई है जब BSP आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने संगठन को सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

BSP के लिए क्यों अहम है यह वापसी?

आकाश आनंद को BSP में युवा चेहरे के तौर पर देखा जाता रहा है। पार्टी ने पहले भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर युवा मतदाताओं और नई पीढ़ी के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की कोशिश की थी।

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए BSP के लिए संगठन को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलना पार्टी की चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका को दोबारा महत्वपूर्ण बना सकता है।

हालांकि, उनकी वापसी के बाद पार्टी संगठन में उनकी वास्तविक भूमिका कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में BSP के संगठनात्मक विस्तार और चुनावी अभियान में किस तरह सक्रिय होते हैं।

आगे की राह पर नजर

आकाश आनंद की वापसी BSP में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुए कई संगठनात्मक बदलावों के बाद हुई है। पार्टी में परिवार के सदस्यों की भूमिका, अनुशासन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर मायावती के कई फैसले सामने आए हैं।

अब आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से पार्टी के भीतर उनकी राजनीतिक यात्रा एक बार फिर शुरू होती दिखाई दे रही है। हालांकि, मायावती की ओर से अनुशासन और पार्टी हित को लेकर दिए गए संकेतों के बाद आकाश आनंद के लिए यह वापसी पहले की तुलना में अधिक जिम्मेदारी वाली भी होगी।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BSP किस तरह अपना संगठन तैयार करती है और आकाश आनंद को कितनी बड़ी भूमिका देती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.