आजम खान से अखिलेश की मुलाकात पर सियासी घमासान, ओपी राजभर बोले—सपा प्रमुख ही जिम्मेदार

आजम खान से अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात पर ओपी राजभर ने सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए। राजभर ने इसे मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश बताया। रामपुर दौरे को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

By  Laxman October 22nd 2026 12:19 PM

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान से अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि आजम खान की जेल में बंद होने की स्थिति के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। राजभर ने इस मुलाकात को चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि सपा प्रमुख मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

राजभर के बयान ने इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि, आजम खान के जेल में रहने के लिए अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराने वाला बयान राजभर का राजनीतिक आरोप है। इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष या स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अखिलेश की मुलाकात को राजभर ने बताया चुनावी कदम

अखिलेश यादव के रामपुर दौरे और आजम खान से जेल में मिलने की योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा प्रमुख की यह पहल मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश है। उनका दावा है कि केवल आजम खान से मुलाकात करने से सपा को मुस्लिम समुदाय का समर्थन दोबारा हासिल करने में मदद नहीं मिलेगी।

राजभर ने यह भी कहा कि मुस्लिम मतदाताओं के बीच अब नेतृत्व को लेकर नई अपेक्षाएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, समुदाय का एक वर्ग चाहता है कि अखिलेश यादव मुस्लिम समाज से किसी नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में घोषित करें। राजभर ने अपने बयान में सपा की पुरानी राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि मतदाताओं का रुख पहले जैसा नहीं रह गया है।

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लंबे समय तक आजम खान से मिलने नहीं गए और अब चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुलाकात के जरिए सपा प्रमुख मतदाताओं को प्रभावित करना चाहते हैं।

आजम खान को लेकर अखिलेश पर गंभीर आरोप

ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आजम खान को जेल तक पहुंचाने के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के कार्यकाल में किए गए कथित गलत कामों का परिणाम आजम खान को भुगतना पड़ रहा है।

हालांकि, राजभर ने इस आरोप के समर्थन में अपने बयान में कोई विस्तृत कानूनी आधार प्रस्तुत नहीं किया। इसलिए इस दावे को उनके राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। आजम खान से जुड़े मामलों में उनकी कानूनी स्थिति का निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रियाओं और अदालतों के आदेशों के आधार पर होता है।

राजभर के इस बयान से सपा और सुभासपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की संभावना बढ़ गई है। आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली नेता रहे हैं और उनके साथ सपा के रिश्ते भी राजनीतिक चर्चा का विषय बने रहते हैं।

रामपुर जेल में करीब 45 मिनट की मुलाकात का कार्यक्रम

उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर पहुंचकर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात करने वाले थे। तय कार्यक्रम में उनके दोपहर करीब 12:20 बजे निजी हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर पहुंचने की बात कही गई थी।

इसके बाद वह रामपुर जिला जेल जाकर आजम खान से मिलते। मुलाकात के लिए लगभग 45 मिनट का समय निर्धारित होने की जानकारी दी गई थी। जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव के आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मिलने का भी कार्यक्रम बताया गया था। परिवार के साथ मुलाकात के लिए लगभग एक घंटे का समय रखा गया था।

इस दौरे को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे चर्चा में आने लगी हैं। हालांकि, जेल में होने वाली मुलाकात के दौरान किन विषयों पर बातचीत होगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी उठाए सवाल

आजम खान से मिलने के लिए अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी टिप्पणी की। उन्होंने इस मुलाकात को चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश बताया और दावा किया कि इसका राजनीतिक लाभ मिलना तय नहीं है।

रजवी ने आजम खान के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए। उनके बयान से स्पष्ट है कि इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, मुस्लिम मतदाताओं की वास्तविक राय या इस दौरे का चुनावी प्रभाव किसी एक नेता के बयान से तय नहीं किया जा सकता।

2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है बयानबाजी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आजम खान और अखिलेश यादव के संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। सपा के लिए आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता से संवाद और संगठनात्मक रिश्तों का राजनीतिक महत्व है, जबकि विरोधी दल इस मुलाकात को चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।

फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर के आरोपों और अखिलेश यादव के रामपुर दौरे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में सपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया और आजम खान से मुलाकात के बाद सामने आने वाले बयान इस राजनीतिक घटनाक्रम की दिशा तय कर सकते हैं।

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