मिशन कर्मयोगी के तहत लखनऊ में ‘साधना शृंखला-2026’ का शुभारंभ, सीएम योगी हुए शामिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मिशन कर्मयोगी के तहत साधना शृंखला-2026 कार्यशाला के शुभारंभ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में UNNATI Capability Index और National Curriculum Design Framework का शुभारंभ हुआ तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और विभागों को सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊ में मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना शृंखला-2026’ के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। 23 और 24 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशिक्षण संस्थानों को क्षमता विकास संस्थानों में बदलने की दिशा में काम करना है।
इस कार्यशाला का आयोजन डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) और भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान भी मौजूद रहीं।
UNNATI Capability Index, National Curriculum Design Framework का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान UNNATI Capability Index और National Curriculum Design Framework का शुभारंभ किया गया। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने, प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सहयोग करना है।
इस अवसर पर सरकारी कार्मिकों के प्रशिक्षण में देश में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मिशन कर्मयोगी के तहत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के विभागों को भी सम्मान दिया गया।
दूसरे राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों से सीखने का मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘साधना शृंखला-2026’ कार्यशाला विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अनुभवों, नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को दूसरे राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। वहीं, अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के बारे में जान सकेंगे। कार्यशाला के जरिए विभिन्न राज्यों के बीच प्रशासनिक अनुभवों के आदान-प्रदान और प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना
मिशन कर्मयोगी केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक सक्षम, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इसके तहत प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने, कर्मचारियों के कौशल विकास और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान दिया जाता है। लखनऊ में आयोजित यह क्षेत्रीय कार्यशाला इसी दिशा में विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने के प्रयास का हिस्सा है।