घोसी में राशन डीलरों को मुख्यमंत्री योगी की सौगात, कमीशन बढ़ाने की घोषणा

उत्तर प्रदेश में राशन डीलरों का लाभांश बढ़ाकर 90 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। सरकार उचित दर की दुकानों को जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित कर रही है, जबकि डीलर संगठन कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

By  Preeti Kamal August 17th 2026 12:50 PM -- Updated: August 17th 2026 12:19 PM

मऊ, घोसी: उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और उचित दर विक्रेताओं यानी राशन डीलरों की आय बढ़ाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। घोसी से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, राशन डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इससे प्रदेशभर के कोटेदारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में उचित दर विक्रेताओं को पहले 70 रुपये प्रति क्विंटल का लाभांश मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इसे बढ़ाकर 90 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। वर्ष 2022 में सरकार ने यह घोषणा राशन विक्रेताओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से की थी। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत भी उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं के लिए मूल मार्जिन और अतिरिक्त मार्जिन का प्रावधान है।

राशन की दुकानों पर मिलेंगी जनसेवा की सुविधाएं

सरकार की योजना केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है। उचित दर की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के तौर पर विकसित करने की पहल भी की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई सरकारी और डिजिटल सेवाएं अपने नजदीक उपलब्ध कराने का रास्ता खुलता है। इन केंद्रों के माध्यम से आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, पेंशन योजनाओं, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, बैंकिंग और बीमा जैसी विभिन्न सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की योजना है।

राशन डीलर लगातार बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं

हालांकि, मौजूदा समय में राशन डीलर संगठन कमीशन को और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश के राशन विक्रेताओं ने खाद्यान्न और चीनी पर मिलने वाले लाभांश को बढ़ाकर कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल करने और न्यूनतम आय की व्यवस्था करने की मांग उठाई थी। डीलरों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और राशन वितरण से जुड़े खर्चों को देखते हुए मौजूदा कमीशन पर्याप्त नहीं है। कुछ संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर राशन वितरण के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।

सरकार और राशन डीलरों के बीच अहम मुद्दा

राशन डीलर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लाखों परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी उचित दर की दुकानों के माध्यम से पूरी होती है। ऐसे में डीलरों की आर्थिक स्थिति और राशन वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता, दोनों सीधे तौर पर लाभार्थियों से जुड़े मुद्दे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कमीशन बढ़ाने और राशन दुकानों को जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल का उद्देश्य डीलरों की आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करना और ग्रामीण लोगों को स्थानीय स्तर पर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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