राम मंदिर दान गबन मामला: तीन और आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगेगी अयोध्या पुलिस

सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर एसआईटी ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा की कथित प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया है।

By  Preeti Kamal July 7th 2026 10:49 AM

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले की जांच तेज हो गई है। अयोध्या पुलिस अब मामले में तीन और आरोपियों की पुलिस रिमांड लेने के लिए अदालत का रुख करेगी, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके। पुलिस के अनुसार, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की पुलिस हिरासत (कस्टोडियल रिमांड) की मांग अदालत से की जाएगी।

इधर, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में दान की गिनती के दौरान चोरी और गबन के प्रथम दृष्टया (Prima Facie) साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। जांच के दौरान एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, ट्रस्ट अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और दान गिनने वाले कर्मचारियों के बयान, बैंक रिकॉर्ड, जब्ती दस्तावेज, समझौता ज्ञापन (एमओयू) और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का परीक्षण किया।

CCTV में कर्मचारी नोटों की गड्डियां-नकदी कपड़ों, जेबों और जूते में छिपाते दिखे

रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून तक उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में कई बार कुछ कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और नकदी अपने कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य छिपे हुए स्थानों में रखते हुए देखा गया। फुटेज में कुछ अन्य कर्मचारियों को भी कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में सहयोग या उन्हें छिपाने में मदद करते हुए देखा गया है।

एसआईटी के मुताबिक, उपलब्ध फुटेज में इस अवधि के दौरान कथित चोरी या गबन की करीब 70 घटनाएं दर्ज हैं। कर्मचारियों के बयानों और बैंक में जमा राशि के अंतर के आधार पर रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 27 अप्रैल से पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हो सकती हैं, लेकिन पुराने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने के कारण उनकी पुष्टि नहीं हो सकी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रस्ट की एसओपी के तहत निर्धारित सुरक्षा उपाय, जैसे तलाशी (फ्रिस्किंग), बायोमेट्रिक उपस्थिति, निजी सामान ले जाने पर रोक, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया गया।

अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव को नकदी निकालते और छिपाते देखा गया

सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर एसआईटी ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा की कथित प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अविनाश शुक्ला और मनीष कुमार यादव को कई बार नकदी निकालते या छिपाते हुए देखा गया, जबकि अन्य आरोपियों को कथित रूप से इसमें सहयोग करते या इसी तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया।

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।

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