नई दिल्ली: कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर में प्राप्त दान की कथित चोरी के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को कहा कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के ऐसे वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए, जिसका किसी भी राजनीतिक दल से पहले कोई संबंध न रहा हो।
उन्होंने कहा, "इस पूरे मामले की जांच माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए, जिनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई पूर्व संबंध न हो। यह केवल लोगों की आस्था का ही नहीं, बल्कि धर्म में उनके विश्वास का भी प्रश्न है। यदि यह विश्वास टूटता है, तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे।"
#WATCH | Delhi | On Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement issue, AICC in-charge for Uttar Pradesh, Rajendra Pal Gautam says, "This entire incident should be investigated under the supervision of a sitting judge of the Honorable Supreme Court who has no previous affiliation… pic.twitter.com/FP7MKjDsdS
— ANI (@ANI) July 5, 2026
मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग
इस बीच, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) दोनों ने अनियमितताओं की बात स्वीकार की है। इसलिए सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
राजीव शुक्ला ने कहा, "आरएसएस और वीएचपी दोनों ने माना है कि अनियमितताएं हुई हैं। अब जरूरी है कि सच्चाई सामने लाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सुप्रीम कोर्ट की समिति निष्पक्ष जांच करे, दोषियों को कड़ी सजा मिले और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में इस तरह की चोरी दोबारा न हो।"
इस तरह की घटनाओं की रोकथाम हो
राजीव शुक्ला ने आगे कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए, क्योंकि इस मामले से लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। गौरतलब है कि 29 जून को अयोध्या की एक अदालत ने मामले की गहन जांच के बाद सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। यह विवाद 25 जून को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के बाद शुरू हुआ।
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