सपा-कांग्रेस के दो दर्जन से ज्यादा सांसद NDA के संपर्क में: संजय निषाद का बड़ा दावा
संजय निषाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के भीतर भी कई ऐसे नेता हैं जो हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और भाजपा के साथ जुड़कर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग किसी विशेष विचारधारा से बंधे नहीं हैं और हिंदुत्व को मानते हैं, वे भाजपा में आकर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संपर्क में हैं और सत्ता पक्ष में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं। मीडिया से बातचीत में संजय निषाद ने कहा कि विपक्षी दलों के कई सांसद और विधायक उनसे संपर्क कर रहे हैं और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कराने की इच्छा जता रहे हैं।
उन्होंने कहा, “लोग सरकार बनाने आए थे, लेकिन सरकार नहीं बना पाए। अब जनता उनसे सवाल पूछ रही है कि जो वादे किए थे, उन्हें कैसे पूरा करेंगे। ऐसे में अधिकांश सांसद और विधायक हमारे संपर्क में हैं और चाहते हैं कि उन्हें दिल्ली ले जाकर केंद्रीय नेतृत्व से बात कराई जाए।” जब उनसे पूछा गया कि ऐसे नेताओं की संख्या कितनी हो सकती है, तो उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से आज की तारीख में यह संख्या दो दर्जन से कम नहीं है।”
‘हिंदुत्व विचारधारा वाले भाजपा में आना चाहते हैं’
संजय निषाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के भीतर भी कई ऐसे नेता हैं जो हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखते हैं और भाजपा के साथ जुड़कर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग किसी विशेष विचारधारा से बंधे नहीं हैं और हिंदुत्व को मानते हैं, वे भाजपा में आकर अपने समाज के लिए काम करना चाहते हैं। यही वजह है कि वे लगातार हमारे संपर्क में रहते हैं।”
शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव द्वारा विपक्षी सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की खबरों को बेबुनियाद बताए जाने पर संजय निषाद ने कहा कि पार्टी भले ही एकजुट रहना चाहती हो, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर नेता सत्ता के साथ रहना चाहते हैं ताकि अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रख सकें और जनता के लिए काम कर सकें।
ओम प्रकाश राजभर ने भी साधा निशाना
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विभिन्न सीबीआई मामलों के कारण खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। राजभर ने दावा किया कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं के नाम विभिन्न मामलों में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा जारी की गई सूची का उद्देश्य खुद को राजनीतिक और कानूनी संकट से बचाना है।
सपा में बड़े पलायन का दावा
ओम प्रकाश राजभर ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष है और आने वाले दिनों में कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि भाजपा उनके विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को अपने पक्ष में कर रही है। राजभर के अनुसार, पार्टी के कुछ पारिवारिक सदस्यों को छोड़कर अधिकांश नेता सपा से दूरी बनाने की तैयारी में हैं।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इन दावों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और दल-बदल की चर्चाएं आगे भी तेज रह सकती हैं।