लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने पार्टी के चर्चित PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की नई व्याख्या करते हुए कहा कि "PDA में PD का मतलब पंडित भी है।"

लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रबुद्ध समाज सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। इस दौरान अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्रा के योगदान को याद करते हुए उन्हें समाजवादी विचारधारा का मजबूत स्तंभ बताया और कहा कि उनकी सोच आज भी पार्टी के लिए प्रेरणा है।

PDA को लेकर दिया नया संदेश

अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग PDA को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि PDA में PD को पंडित का भी प्रतीक माना जाना चाहिए, क्योंकि पार्टी हर समाज और हर वर्ग को सम्मान देने की नीति पर काम करती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए ब्राह्मण मतदाताओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

 

जनेश्वर मिश्रा के योगदान को किया याद

अखिलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा ने पूरी जिंदगी समाजवादी मूल्यों और सामाजिक समानता के लिए काम किया। उन्होंने जाति और वर्ग से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ने का प्रयास किया और समाजवादी आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो उनके अधूरे सपनों और मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार पर साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर भी कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और कई कार्यक्रमों के लिए अनुमति तक नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जितनी बढ़ेंगी, समाजवादी पार्टी उतनी ही मजबूती से जनता के बीच काम करेगी।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद का भी किया जिक्र

सपा प्रमुख ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रबुद्ध समाज सम्मेलन पर पार्टी का फोकस

इस कार्यक्रम में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी ने सम्मेलन के जरिए प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावों में पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए सामाजिक समूहों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

राजनीतिक हलकों में अखिलेश यादव के PDA वाले बयान को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह संदेश उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक समीकरणों पर कितना प्रभाव डालता है।