यूपी में बाढ़ राहत-बचाव अभियान तेज, ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ और जलभराव प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और चालकों का चरित्र सत्यापन किया जा रहा है। जांच में 6,066 वाहन अनफिट मिले, जबकि एनडीआरएफ टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी हैं।

By  Preeti Kamal August 20th 2026 12:40 PM -- Updated: August 20th 2026 12:27 PM

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं, स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ सहित विभिन्न अभियानों के तहत स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और चालकों के चरित्र सत्यापन पर विशेष ध्यान दे रहा है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों को तेज किया गया है। विशेष रूप से लखीमपुर खीरी और अयोध्या समेत प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रयागराज सहित विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें भी खोज एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।

13 अगस्त तक के परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 19,680 स्कूल हैं। इनके नाम पर 74,337 वाहन पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन अनुबंध के आधार पर स्कूलों से जुड़े हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 82,259 स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने बताया कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच और बच्चों को लाने-ले जाने वाले चालकों के सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है।

27 हजार से अधिक चालकों का चरित्र सत्यापन

परिवहन विभाग के अनुसार, अब तक 27,066 स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन पूरा किया जा चुका है। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की जिम्मेदारी सौंपने से पहले चालकों की पृष्ठभूमि और अन्य सुरक्षा मानकों की पूरी जांच सुनिश्चित की जाए। जांच अभियान के दौरान 6,066 स्कूल वाहन अनफिट पाए गए, जिनके खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 356 वाहनों को जब्त किया गया।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की तैनाती

दूसरी ओर, प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 11वीं बटालियन एनडीआरएफ ने डूबे हुए एक व्यक्ति की तलाश के लिए गहन अभियान चलाया। गहरे पानी में गोताखोरों की मदद से चलाए गए इस अभियान में 18 अगस्त को दोपहर 2:10 बजे व्यक्ति को बरामद किया गया।

एनडीआरएफ ने लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षित आवाजाही और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय पर राहत एवं बचाव, दोनों मोर्चों पर लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

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