हथकरघा बुनकरों का बढ़ा सम्मान, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 पर मिलेगा संत कबीर राज्यस्तरीय पुरस्कार
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश में संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार का वितरण होगा। उत्कृष्ट बुनकरों और शिल्पकारों को सम्मानित कर हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
लखनऊ: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों, शिल्पकारों और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करना है।
सरकार का मानना है कि हथकरघा उद्योग न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। ऐसे में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
पारंपरिक बुनाई कला और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास
संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार के माध्यम से पारंपरिक बुनाई कला, नवाचार, उत्कृष्ट डिजाइन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे युवाओं को भी हथकरघा उद्योग से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बुनकरों को तकनीकी सहायता समेत वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध
उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख हथकरघा राज्यों में शामिल है। वाराणसी की बनारसी साड़ी, मऊ, आजमगढ़, टांडा और अन्य क्षेत्रों के हथकरघा उत्पाद देश-विदेश में अपनी विशेष पहचान रखते हैं। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनकरों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध करा रही है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह राज्य के बुनकरों के सम्मान के साथ-साथ 'वोकल फॉर लोकल' और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।