UP Rajya Sabha Election 2026: स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी और वरुण गांधी के नाम चर्चा में, BJP में उम्मीदवारों पर मंथन तेज

UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले बीजेपी में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज है। स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, वरुण गांधी समेत कई नाम चर्चा में हैं।

By  Laxman September 28th 2026 07:00 PM -- Updated: September 28th 2026 06:40 PM

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्टी के सामने सिर्फ खाली हो रही सीटों को भरने का सवाल नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधने की चुनौती है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक यूपी की 10 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा।

बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, पूर्व सांसद वरुण गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह समेत कई नाम चर्चा में हैं। हालांकि, इनमें से किसी नाम पर आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। हालिया रिपोर्टों में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम संभावित नए चेहरों के तौर पर सामने आए हैं।

16 अक्टूबर को यूपी की 10 सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें वर्तमान में आठ सीटें बीजेपी के पास, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास है। बीजेपी की जिन सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें अरुण सिंह, नीरज शेखर, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, बृजलाल और सीमा द्विवेदी जैसे नाम शामिल हैं। एक अन्य बीजेपी सीट दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

ऐसे में बीजेपी के सामने पुराने सांसदों को दोबारा मौका देने और नए चेहरों को संसद भेजने के बीच संतुलन बनाने का सवाल है। पार्टी के भीतर सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा चल रही है।

स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम पर नजर

बीजेपी की संभावित सूची में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। अगस्त 2026 में दोनों को बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई थीं। हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया, जबकि स्मृति ईरानी भी राष्ट्रीय संगठन में महामंत्री की भूमिका में हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी राज्यसभा के लिए नए चेहरों पर भी विचार कर रही है। इसमें ब्राह्मण, ओबीसी, जाट, राजपूत और दलित समुदायों से नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। हालांकि अंतिम सूची केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।

वरुण गांधी, संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, सुरेश राणा और अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चाओं में सामने आए हैं। इन नामों को लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बीएल वर्मा और गीता शाक्य को दोबारा मौका?

मौजूदा सांसदों में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में माना जा रहा है। उनके अलावा गीता शाक्य को भी दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। India Today की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी के भीतर वर्मा को फिर से मौका देने और गीता शाक्य की उम्मीदवारी पर भी विचार किया जा रहा है।

वहीं सीमा द्विवेदी को लेकर भी पार्टी के सामने विकल्प हो सकता है कि उन्हें राज्यसभा में दोबारा भेजा जाए या विधानसभा चुनाव में उतारा जाए। इसी तरह नीरज शेखर और अरुण सिंह के भविष्य को लेकर भी अलग-अलग संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।

सामाजिक समीकरण पर बीजेपी का फोकस

राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक बीजेपी ब्राह्मण, ओबीसी, दलित, जाट और अन्य सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने पर विचार कर रही है। पार्टी के संगठनात्मक बदलावों में भी अलग-अलग सामाजिक समूहों और महिला प्रतिनिधित्व को जगह दी गई है।

2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह चयन पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक संदेश का माध्यम भी बन सकता है। हालांकि उम्मीदवारों की सूची को लेकर अंतिम फैसला बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।

क्या बीजेपी आठवीं सीट भी जीत सकती है?

राज्यसभा चुनाव का गणित प्रथम वरीयता के वोटों पर आधारित होता है। मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से एक सीट के लिए 37 वोट का कोटा बनता है। हालिया आंकड़ों में बीजेपी के करीब 256-257 विधायक बताए गए हैं। उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल), आरएलडी, एसबीएसपी और निषाद पार्टी के पास क्रमशः 13, 9, 6 और 5 विधायक हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो विधायकों का समर्थन भी बीजेपी के पक्ष में माना जा रहा है।

इस संख्या के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाला खेमे आठवीं सीट के लिए भी दावा पेश कर सकता है, लेकिन उसके लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग और निर्दलीय या असंबद्ध विधायकों की भूमिका पर नजर रहेगी। हालिया रिपोर्टों में भी बीजेपी के आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत बताई गई है।

दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के पास करीब 101 विधायक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। इस संख्या के आधार पर एसपी दो सीटों के लिए अपनी स्थिति मजबूत रखती है, जबकि तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।

नामांकन के बाद साफ होगी तस्वीर

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होनी है और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।

फिलहाल बीजेपी में संभावित नामों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, वरुण गांधी समेत जिन नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें से किसे अंतिम सूची में जगह मिलती है, इसका फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.