योगी सरकार में राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण को मिली रफ्तार, लाखों मामलों का हुआ निपटारा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर नियमित समीक्षा, विशेष अभियानों और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग के जरिए राजस्व मामलों के निस्तारण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका असर हालिया आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है।
धारा-24 के 39,645 वादों का निस्तारण:
सीमांकन और पैमाइश से जुड़े धारा-24 के मामलों में भी निस्तारण की गति बढ़ी है। 31 दिसंबर 2025 तक इस श्रेणी में 28,556 वाद विचाराधीन थे। इसके बाद 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 91,472 नए वाद आए, जिनमें से 39,645 मामलों का निस्तारण किया गया।
वर्तमान में धारा-24 के तहत 80,383 वाद विचाराधीन हैं। इनमें पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों की संख्या केवल 24 है। सबसे अधिक विचाराधीन वाद वाले जिलों में प्रयागराज, प्रतापगढ़, लखनऊ, अमेठी और मथुरा शामिल हैं।
धारा-34 में 10.96 लाख वादों का निस्तारण:
नामांतरण यानी दाखिल-खारिज से संबंधित धारा-34 के मामलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। 31 दिसंबर 2025 तक इस श्रेणी में 48,910 वाद विचाराधीन थे।
1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 14,70,133 वाद आयोजित हुए, जिनमें से 10,96,814 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, 45 दिन से अधिक समय से लंबित नामांतरण वादों के लिए 15 से 25 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 2,21,667 वादों का निस्तारण हुआ।
भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भी तेजी:
भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित धारा-80 के मामलों में भी निस्तारण की रफ्तार तेज हुई है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 28,797 नए वाद आए, जबकि इसी अवधि में 49,855 वादों का निस्तारण किया गया।
खास बात यह है कि धारा-80 के तहत पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों की संख्या शून्य दर्ज की गई है।
पुराने मामलों के निस्तारण पर सरकार का फोकस:
राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को सरकार ने प्राथमिकता में रखा है। इसके लिए विशेष अभियानों के साथ नियमित समीक्षा और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है।
सरकार का जोर आमजन को समयबद्ध न्याय, राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शी एवं सुगम न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है। लंबित मामलों की लगातार निगरानी और विशेष अभियानों के जरिए पुराने वादों के निस्तारण की प्रक्रिया को और तेज करने की दिशा में काम किया जा रहा है।