मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 12 जुलाई को रोपे जाएंगे 35 करोड़ पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 12 जुलाई को प्रदेशभर में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान चलाएगी।

By  Mangala Tiwari July 7th 2026 04:24 PM

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 12 जुलाई को प्रदेशभर में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का महाअभियान चलाएगी। जनभागीदारी आधारित इस वृक्षारोपण महायज्ञ को उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी तेज हो गई है। अभियान की तैयारियों को लेकर वन मुख्यालय के पारिजात सभागार में वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने विभिन्न विभागों के मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की।


बैठक में वन मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ में केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।


उन्होंने बताया कि इस महाअभियान में वन विभाग सबसे अधिक 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़ और पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधों का रोपण करेगा। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन जैसे नए वन क्षेत्रों का भी विकास किया जाएगा।


डॉ. सक्सेना ने बताया कि अभियान के तहत मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा जैसी विशेष पहल भी चलाई जाएंगी। मिशन छाया के अंतर्गत सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा 15 अगस्त को 'वंदे मातरम् वाटिका', 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर 'भाई-बहन पौधरोपण' और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 'एक पेड़ गुरु के नाम' अभियान भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब दो हजार नर्सरियों में 57.62 करोड़ से अधिक पौधे तैयार हैं, जिन्हें अभियान के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।


कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी विभागों को समय पर स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों सहित अन्य संस्थानों में बड़े स्तर पर पौधरोपण के साथ सिंचाई और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगाए जाने वाले पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए मिलिया डुबिया और पॉपलर जैसी प्रजातियों के वितरण पर बल दिया।


पशुधन मंत्री डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोआश्रय स्थलों पर विकसित किए जा रहे गोपाल वनों में छायादार और चारा देने वाली प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं, ताकि गोवंश को पर्याप्त छाया और चारा उपलब्ध हो सके।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों से पौधों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव विकसित करते हुए अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने खाली और बंजर भूमि पर अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।


उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ को जनउत्सव के रूप में मनाया जाए और फलदार पौधों के रोपण को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की पौधशालाओं में उपलब्ध पौधों का भी अभियान में उपयोग किया जाएगा।


माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को सफल बनाया जाए तथा लगाए गए पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


समीक्षा बैठक में वन राज्यमंत्री केपी मलिक, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह सहित वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


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