दाऊद इब्राहिम की D-कंपनी को ‘भारत आधारित’ बताने पर भारत ने UN को घेरा, रिपोर्ट में गंभीर गलतियों का आरोप
भारत ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को भारत आधारित बताए जाने पर आपत्ति जताई। भारतीय राजनयिक रघू पुरी ने गंभीर तथ्यात्मक गलतियों, जवाबदेही की कमी और रिपोर्ट में कथित पक्षपात को लेकर सवाल उठाए।
वॉशिंगटन: भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के आपराधिक संगठन डी-कंपनी को ‘भारत आधारित’ बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने रिपोर्ट में ‘गंभीर तथ्यात्मक गलतियों’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की चूक वैश्विक संस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने आतंकवाद से मुकाबले के दौरान मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण से संबंधित विशेष प्रतिवेदक (Special Rapporteur) बेन सॉल की रिपोर्ट पर भारत की आपत्तियां दर्ज कराईं।
2003 की संयुक्त राष्ट्र सूची का दिया हवाला
रघू पुरी ने कहा कि बेन सॉल की रिपोर्ट में उल्लेख है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2003 में अल-कायदा से संबंधों के चलते डी-कंपनी के नेता को सूचीबद्ध किया था। भारत ने इस विवरण को अधूरा और भ्रामक बताते हुए कहा कि दाऊद इब्राहिम और उसका संगठन 1993 के मुंबई आतंकवादी हमलों से जुड़े मामलों के संबंध में भारत में वांछित रहे हैं।
पुरी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध व्यवस्था के तहत जारी सूची में शामिल कारणों के विवरण का हवाला देते हुए कहा कि इस तथ्य को रिपोर्ट में पर्याप्त रूप से नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि दाऊद इब्राहिम 2003 में सूचीबद्ध किए जाने से काफी पहले भारत छोड़ चुका था और देश के बाहर रहते हुए उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया गया था।
दाऊद के पाकिस्तान में होने का भारत का दावा
भारतीय राजनयिक ने कहा कि दाऊद इब्राहिम भारत में वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची में उसके निवास का उल्लेख उस देश के रूप में किया गया है, जहां अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मिला था और मारा गया था। उनका इशारा पाकिस्तान की ओर था।
गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना के विशेष बलों ने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक अभियान के दौरान ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। भारत ने दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने का दावा दोहराते हुए संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में तथ्यों को सही संदर्भ में प्रस्तुत करने की जरूरत पर जोर दिया।
रिपोर्ट में पक्षपात का भी लगाया आरोप
भारत ने रिपोर्ट के कुछ अन्य हिस्सों में कथित पक्षपात पर भी सवाल उठाए। भारतीय पक्ष ने कहा कि आतंकवाद से मुकाबले और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्षता, जवाबदेही और तथ्यात्मक सटीकता बनाए रखना आवश्यक है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों की रिपोर्टों में कथित गलतियों के लिए जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय प्रतिनिधि के अनुसार, तथ्यों की पुष्टि किए बिना या महत्वपूर्ण संदर्भों को छोड़े जाने से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर आतंकवाद और उससे जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं लगातार उठा रहा है।