अमेरिका के साथ समझौते को लेकर ईरान में विरोध प्रदर्शन, विदेश मंत्री के खिलाफ लगे नारे
मशहद, ईरान: अमरीका के साथ संभावित शांति समझौते के विरोध में ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में विदेश मंत्रालय के एक कार्यालय के बाहर दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के खिलाफ नारेबाजी की।
फार्स समाचार एजेंसी (Fars news agency ) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में काले चादर पहने महिलाएं लाल और काले झंडे लहराते हुए दिखाई दीं। प्रदर्शनकारी विदेश मंत्रालय कार्यालय के बाहर "बेइज्जत अराघची मुर्दाबाद" और "घुसपैठिए अराघची मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे थे।
समझौते को लेकर बढ़ा आंतरिक विरोध
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब अमरीका के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर ईरान के भीतर राजनीतिक मतभेद तेज हो गए हैं। कट्टरपंथी राजनीतिक गुटों का आरोप है कि प्रस्तावित समझौते की मौजूदा शर्तें ईरान के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
विरोधियों का कहना है कि यह समझौता ईरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपने प्रभाव और रणनीतिक बढ़त से वंचित कर सकता है। उनका आरोप है कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ईरानी वार्ताकारों ने जरूरत से ज्यादा रियायतें दी हैं।
टीवी इंटरव्यू के बाद भड़का विवाद
यह विरोध प्रदर्शन उस समय सामने आया जब राज्य टेलीविजन पर प्रसारित एक इंटरव्यू में अब्बास अराघची ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध को हटाने का प्रावधान शामिल है।
अराघची ने कहा था, "हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का प्रबंधन पहले जैसा नहीं रहेगा," हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग ईरान के प्रमुख प्रतिरोधी साधनों में से एक बना रहेगा।
तेहरान में भी विरोध की खबरें
सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ अपुष्ट वीडियो में राजधानी तेहरान स्थित विदेश मंत्रालय मुख्यालय के बाहर भी इसी तरह की भीड़ दिखाई देने का दावा किया गया है।
इन वीडियो में प्रदर्शनकारी "अराघची इस्तीफा दो" और "गालिबाफ इस्तीफा दो" जैसे नारे लगाते नजर आए। ये नारे विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के खिलाफ लगाए गए, जो इस वार्ता प्रक्रिया में मुख्य वार्ताकार की भूमिका भी निभा रहे हैं।
समझौते के समय को लेकर अलग-अलग दावे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया है कि संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा यह समझौता रविवार तक अंतिम रूप ले सकता है। पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा गया है कि समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी की जा रही है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इस समयसीमा को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, "यह कल नहीं होगा," लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि आने वाले दिनों में समझौते को औपचारिक रूप दिया जा सकता है। फिलहाल संभावित समझौते को लेकर ईरान के भीतर राजनीतिक बहस और विरोध लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।