ईरान का ब्रिटेन-फ्रांस को संदेश, हॉर्मुज में सैन्य गतिविधियों पर रहेगी कड़ी नजर...
इससे पहले 2 जुलाई को भी ईरान ने बहरीन में आयोजित अमेरिका-नेतृत्व वाले क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन की आलोचना की थी। काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा था कि फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा व्यवस्था तय करने का अधिकार क्षेत्रीय देशों का है, न कि अमेरिकी सैन्य कमान सेंटकॉम का।
तेहरान, ईरान: ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह क्षेत्र बाहरी शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस जलमार्ग में किसी भी सैन्य गतिविधि पर ईरान करीबी नजर रखेगा और संकट पैदा करने वालों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
एक्स पर साझा किए गए अपने बयान में काज़ेम ग़रीबाबादी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य बाहरी शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान, इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा का जिम्मेदार देश होने के नाते, यहां किसी भी सैन्य गतिविधि को बेहद गंभीरता से देखता है। हॉर्मुज की सुरक्षा तटीय देशों की जिम्मेदारी है और संकट पैदा करने वालों को उनके दुस्साहस के परिणामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। यह एक गंभीर चेतावनी है।"
सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की चिंता का विषय
इससे पहले ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया था कि ओमान ने दोनों देशों के साथ मिलकर अपने संप्रभु समुद्री क्षेत्र में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है। संयुक्त बयान में कहा गया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और सभी देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की चिंता का विषय है।
बयान में यह भी कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर ब्रिटेन और फ्रांस व्यापक बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन की तैनाती के लिए भी तैयार हैं, ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके। दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता, सभी देशों की संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हॉर्मुज की सुरक्षा-व्यवस्था का अधिकार अमरीका का नहीं है
इससे पहले 2 जुलाई को भी ईरान ने बहरीन में आयोजित अमेरिका-नेतृत्व वाले क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन की आलोचना की थी। काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा था कि फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा व्यवस्था तय करने का अधिकार क्षेत्रीय देशों का है, न कि अमेरिकी सैन्य कमान सेंटकॉम का। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बहरीन में आयोजित किसी सैन्य सम्मेलन से फारस की खाड़ी की सुरक्षा या कानूनी व्यवस्था निर्धारित नहीं की जा सकती।