जयशंकर का भूटान दौरा: वित्त मंत्री ने किया गर्मजोशी से स्वागत, रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भूटान दौरे के दौरान वित्त मंत्री लेके दोरजी से मुलाकात की। उन्होंने 43 जर्सी गायें सौंपीं, ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और विकास, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी व संस्कृति में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

By  Preeti Kamal September 17th 2026 04:00 PM -- Updated: September 17th 2026 02:54 PM

थिम्फू, भूटान: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को थिम्फू में भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेके दोरजी (Lyonpo Lekey Dorji) से मुलाकात की। जयशंकर ने गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए भूटानी वित्त मंत्री का आभार जताया। जयशंकर 16-17 सितंबर को भूटान की आधिकारिक यात्रा पर हैं। जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री और विदेश व्यापार मंत्री ल्योनपो डीएन धुंग्येल (Lyonpo DN Dhungyel) के निमंत्रण पर भूटान पहुंचे हैं। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई।

जयशंकर ने भूटानी विदेश मंत्री के साथ बातचीत को दोनों देशों के बीच कायम भरोसे, सद्भावना और गर्मजोशी का प्रतिबिंब बताया। भूटान यात्रा के दौरान जयशंकर ने बुमथांग स्थित नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया और भारत की ओर से 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें भूटान को सौंपीं। इन गायों को भूटान के डेयरी कैटल ब्रीडिंग कार्यक्रम के तहत दिया गया है। इसका उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय किसानों को समर्थन देना है। जयशंकर के अनुसार, केंद्र का प्रजनन कार्यक्रम करीब 40,000 किसानों को लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक दूध देने वाली इन गायों से क्षेत्र में डेयरी उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और स्थानीय कृषि क्षेत्र को भी फायदा होगा।

ऐतिहासिक Wangduechhoeling Palace पहुंचे जयशंकर

बुमथांग में जयशंकर ने ऐतिहासिक Wangduechhoeling Palace and Museum का भी दौरा किया। उन्होंने इसे भूटान के इतिहास, कला, शिल्प और वास्तुकला की महत्वपूर्ण झलक पेश करने वाला स्थल बताया। जयशंकर ने कहा कि यह पूर्व शाही निवास और दरबार आधुनिक भूटान के निर्माण में भूटानी राजशाही की भूमिका को दर्शाता है। इसके बाद उन्होंने भूटान के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल Kurjey Lhakhang में प्रार्थना की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के लोगों की भलाई और भारत-भूटान संबंधों की मजबूती के लिए प्रार्थना की।

भूटान के विदेश मंत्री से व्यापक बातचीत

जयशंकर ने बुमथांग में अपने भूटानी समकक्ष ल्योनपो डीएन धुंग्येल से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग की समीक्षा की।बातचीत में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और जन-जन के संबंधों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भूटानी विदेश मंत्री को बुमथांग में उनकी मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।

बड़े बुनियादी ढांचा और विकास प्रोजेक्ट्स पर फोकस

बैठक के बाद जयशंकर ने भूटानी विदेश मंत्री के साथ देश में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को रेखांकित किया।भारत और भूटान के बीच लंबे समय से जारी विकास साझेदारी दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख हिस्सा रही है। मौजूदा यात्रा में भी विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भूटान के राजा और प्रधानमंत्री से भी मुलाकात प्रस्तावित

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck) से शाही मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे (Tshering Tobgay) से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है और दोनों देशों के बीच करीबी दोस्ती व सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।

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