भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती का दिखा रंग, हिंदी में स्वागत करने वाले छात्रों से प्रभावित हुए PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान यात्रा से पहले हिंदी में स्वागत करने वाले छात्रों की तारीफ की। उन्होंने युवाओं के उत्साह को भारत-उज्बेकिस्तान के मजबूत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया। PM मोदी ताशकंद के बाद बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे।

By  Preeti Kamal August 29th 2026 07:30 PM -- Updated: August 29th 2026 05:45 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा पर रवाना होने से पहले हिंदी में उनका गर्मजोशी से स्वागत करने वाले उज्बेक छात्रों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर छात्रों का वीडियो साझा करते हुए उनके उत्साह और हिंदी भाषा में किए गए स्वागत की विशेष रूप से तारीफ की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के युवाओं का यह उत्साह दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को दर्शाता है। वीडियो में उज्बेकिस्तान के कई छात्र बारी-बारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताशकंद पहुंचने पर स्वागत करते नजर आए। छात्रों ने भारत की संस्कृति के प्रति अपनी रुचि और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया।

PM मोदी ने जताई खुशी

एक छात्र ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि ताशकंद उनके आगमन का इंतजार कर रहा है। वहीं, दूसरे छात्रों ने भारत की संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि साझा की। एक छात्र ने कहा कि वे हिंदी सीख रहे हैं और भारतीय संस्कृति से काफी प्रभावित हैं। छात्रों ने भारत और उज्बेकिस्तान की दोस्ती को भी खास बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान की यात्रा शुरू करने से पहले अपने युवा मित्रों का उत्साह देखकर वह बेहद खुश हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि छात्रों ने हिंदी में स्वागत संदेश दिया और वह भी बहुत अच्छी तरह। प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दो देशों की यात्रा पर रवाना हुए PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो देशों की यात्रा के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान उनका उद्देश्य मध्य एशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। यह यात्रा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) के निमंत्रण पर हो रही है।

प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा से पहले कहा कि हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा, ऊर्जा तथा विकसित भारत (Viksit Bharat) और यांगी उज्बेकिस्तान (Yangi Uzbekistan) की साझा सोच जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।

शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे

ताशकंद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र का दौरा भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने इन स्थलों की यात्रा को दोनों देशों के बीच करीबी सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

यह PM मोदी की चौथी उज्बेकिस्तान यात्रा

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने 2015 में द्विपक्षीय यात्रा की थी। इसके बाद उन्होंने 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलनों में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान का दौरा किया था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पिछले वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने 2018 में भारत की राजकीय यात्रा की थी और 2019 में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भी भाग लिया था।

ताशकंद के बाद किर्गिस्तान जाएंगे

उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक जाएंगे, जहां वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव (Sadyr Japarov) के निमंत्रण पर 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से मध्य एशिया के देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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