नई दिल्ली: 8 जून को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने दावा किया है कि कुछ दलों की अनुपस्थिति के बावजूद विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में जयराम रमेश ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी स्थित संविधान क्लब में होने वाली बैठक में 23 राजनीतिक दल हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि जो दल बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, उन्होंने भी अपने-अपने कारणों से अनुपस्थिति दर्ज कराई है, लेकिन वे केंद्र सरकार की नीतियों और फैसलों का विरोध करने के मुद्दे पर INDIA गठबंधन के साथ खड़े हैं।

"जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है"

जयराम रमेश ने कहा, "इन दलों ने मोदी सरकार की उन नीतियों और कदमों का कड़ा विरोध किया है, जिनके कारण लाखों भारतीयों के मतदान अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं, जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, करोड़ों लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है, महंगाई से घरेलू बजट बिगड़ रहा है और युवाओं की उम्मीदों को झटका लग रहा है। भारत की तरह INDIA जनबंधन भी अपनी विविधता के साथ एकजुट है।"

विपक्षी दलों के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और विपक्षी दलों के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं। INDIA गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है। डीएमके का आरोप है कि तमिलनाडु में कांग्रेस ने चुनाव के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) का समर्थन कर गठबंधन के साथ "विश्वासघात" किया है।

देशहित से जुड़े मुद्दों पर हमेशा की तरह अपनी आवाज उठाता रहेगा-DMK

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था और पांच सीटें जीती थीं। हालांकि बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण दोनों दलों के संबंधों में खटास आ गई। बैठक में शामिल न होने के फैसले की जानकारी देते हुए डीएमके ने कहा कि वह देशहित से जुड़े मुद्दों पर हमेशा की तरह अपनी आवाज उठाता रहेगा और अन्य दलों द्वारा उठाए गए राष्ट्रीय मुद्दों का समर्थन करेगा।

ममता बनर्जी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं

उधर, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं। उनके साथ टीएमसी नेता डोला सेन और कल्याण बनर्जी भी मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद यह INDIA गठबंधन की पहली बैठक है। भाजपा की बड़ी जीत के बाद पार्टी के भीतर असंतोष भी बढ़ा है। निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में 58 विधायकों के बगावती रुख ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

आपसी मतभेदों को दूर करना भी बड़ी परीक्षा है

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन के सामने भाजपा की चुनौती के साथ-साथ आंतरिक मतभेदों को दूर करना भी बड़ी परीक्षा है। ऐसे में 8 जून की बैठक विपक्षी एकता के भविष्य को तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।