लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में संगठन को लेकर चल रहे बदलावों के बीच मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब BSP पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसलों से गुजर रही है।

ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे पहले पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक का पद आकाश आनंद के पास था। मायावती ने सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को इस जिम्मेदारी से हटा दिया था और बाद में उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से पूरी तरह अलग कर दिया।

अब ईशान आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी संगठन में अहम भूमिका दी गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मायावती ने 23 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की घोषणा की।

पहले भी ईशान को दी गई थी संगठन की जिम्मेदारी

ईशान आनंद को पार्टी में अचानक सक्रिय भूमिका नहीं मिली है। इससे पहले सितंबर में मायावती ने उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। उस समय उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी।

ईशान को विभिन्न राज्यों में संगठन की स्थिति की समीक्षा करके मायावती को रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बाद अब उन्हें राष्ट्रीय संयोजक का पद दिया गया है, जिससे पार्टी के केंद्रीय संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है।

आकाश आनंद को लेकर मायावती का रुख साफ

ईशान आनंद की नियुक्ति से पहले BSP में आकाश आनंद को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिले। मायावती ने पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया और बाद में पार्टी से भी अलग कर दिया। मायावती ने सार्वजनिक रूप से उनके व्यवहार और पार्टी हितों से जुड़े अपने मतभेदों का जिक्र किया था।

20 सितंबर को मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय उन्होंने ईशान आनंद को परिवार से पार्टी में आगे बढ़ाने के लिए चुना। साथ ही मायावती ने यह भी कहा था कि यदि ईशान पार्टी विरोधी गंभीर गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इससे साफ है कि मायावती ने ईशान को जिम्मेदारी देने के साथ उनके लिए पार्टी अनुशासन को भी महत्वपूर्ण बताया है।

2027 से पहले BSP में संगठन पर फोकस

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले BSP लगातार अपने संगठन को लेकर फैसले कर रही है। ऐसे में ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने से पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

हालांकि, ईशान की नियुक्ति को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका मुख्य महत्व BSP के राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी संभालने का है।

मायावती ने अपने हालिया बयानों में यह भी कहा है कि पार्टी में जिम्मेदारी पाने वाले लोगों से अनुशासन, ईमानदारी और संगठन के प्रति निष्ठा की अपेक्षा रहेगी। ऐसे में ईशान आनंद के सामने अब संगठनात्मक जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी।