चेन्नई: सुपरस्टार रजनीकांत की आगामी फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर प्रशंसकों में उत्साह के बीच तमिलनाडु के करूर जिले के एक बुनकर ने अपने हुनर से सबका ध्यान खींचा है। एलावनूर गांव के रहने वाले प्रभु ने पावरलूम तकनीक की मदद से कपड़े पर रजनीकांत का चित्र तैयार किया है। इस अनूठी पहल के जरिए उन्होंने पारंपरिक बुनाई को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोशिश की है।
करूर जिले में चिन्नाधारापुरम के पास स्थित एलावनूर गांव के प्रभु पारंपरिक बुनकर परिवार से आते हैं। वह लंबे समय से बुनाई के पारंपरिक व्यवसाय को नई तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रभु ने सबसे पहले बनाई थी बेटी की तस्वीर
प्रभु ने सबसे पहले अपनी बेटी की बनाई तस्वीर के आधार पर तमिल कवि तिरुवल्लुवर का चित्र कपड़े पर तैयार किया था। इस प्रयोग से उन्हें प्रोत्साहन मिला और इसके बाद उन्होंने अपने पसंदीदा अभिनेता रजनीकांत का चित्र कपड़े पर बुनने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने आगामी फिल्म ‘जेलर 2’ से रजनीकांत की एक तस्वीर डाउनलोड की। इसके बाद करीब दो महीने तक दिन-रात मेहनत करके उन्होंने अभिनेता की तस्वीर को कपड़े पर उतारा।

एक दिन में तैयार हो सकते हैं पांच कपड़े
प्रभु ने बताया कि इस उपलब्धि को हासिल करने में उन्हें लगभग दो महीने की कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मौजूदा तकनीक की मदद से इस तरह के चित्रों वाले पांच कपड़े एक दिन में तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वह आम लोगों और प्रशंसकों की ओर से उपलब्ध कराई गई तस्वीरों के आधार पर भी कपड़े पर चित्र तैयार करने के लिए तैयार हैं। इसमें लोगों की पारिवारिक तस्वीरें भी शामिल हैं। प्रभु के मुताबिक, उनका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बुनाई उद्योग को विलुप्त होने से बचाना और इस व्यवसाय को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।

परिवार के साथ रजनीकांत से मिलने का सपना
प्रभु ने रजनीकांत से व्यक्तिगत रूप से मिलने की अपनी लंबे समय से चली आ रही इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के साथ अभिनेता से मिलना चाहते हैं और उन्हें अपने हाथों से तैयार किया गया कपड़ा भेंट करना चाहते हैं। इसके साथ ही वह रजनीकांत का आशीर्वाद भी लेना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी योजना ‘जेलर 2’ दिखाने वाले सिनेमाघरों में इस विशेष कपड़े को प्रदर्शनी के तौर पर रखने की है।

पारंपरिक बुनाई को नई पहचान देने की कोशिश
प्रभु की इस रचनात्मक पहल को स्थानीय लोगों से सराहना और बधाइयां मिल रही हैं। उनका प्रयास दिखाता है कि पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक तकनीक का मेल बुनाई जैसे पुराने व्यवसाय को नए अवसर दे सकता है। रजनीकांत के प्रति प्रशंसक का यह खास सम्मान न केवल अभिनेता के प्रति उनकी दीवानगी को दर्शाता है, बल्कि पारंपरिक बुनकर समुदाय की कला और तकनीकी नवाचार की संभावनाओं को भी सामने लाता है।
Add GTC Bharat on Google