झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। देर रात हुए इस हमले के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। शुरुआती जांच में यह मामला केवल शरारत का नहीं बल्कि संभावित बड़ी साजिश से जुड़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है। बाबूलाल मरांडी बोले- बड़ी साजिश की हो सकती है तैयारी।
जानकारी के अनुसार यह घटना रात करीब 12:36 बजे हुई, जब दो अज्ञात युवक संघ कार्यालय के पास पहुंचे और पेट्रोल बम फेंकने की कोशिश की। हालांकि दोनों प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सके, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
घटना को लेकर झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सामान्य घटना नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी योजना या साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच की मांग की है।
#WATCH | Jharkhand | Petrol bombs thrown at RSS office in RanchiLeader of the Opposition in Jharkhand Assembly, Babulal Marandi says, "At around am, two men threw petrol bombs at the RSS office. They came by car with motorbikes accompanying them. This is a serious matter… pic.twitter.com/OwPRd25V57
— ANI (@ANI) June 17, 2026
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं, जो कथित रूप से बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई बोतलों को स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों का पहला प्रयास विफल हो गया क्योंकि पेट्रोल बम का सुलगता हुआ हिस्सा लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नीचे गिर गया। इसके बाद दूसरा पेट्रोल बम फेंका गया, लेकिन वह भी कार्यालय परिसर तक नहीं पहुंच पाया। इस कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हमले के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, स्थानीय विवाद या कोई संगठित योजना तो नहीं थी। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि सबूतों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने आसपास स्थित एक होटल के कर्मचारियों पर शक जताया है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले संघ कार्यालय से जुड़े लोगों और होटल प्रबंधन के बीच कुछ मुद्दों को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक और सामाजिक संगठनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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