लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए 14 जुलाई से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने घोषणा की है कि **लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे** पर इसी तारीख से टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही सभी प्रकार के वाहनों के लिए नई टोल दरें भी तय कर दी गई हैं। ऐसे में अगर आप इस एक्सप्रेसवे से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो सफर से पहले नई टोल दरों की जानकारी जरूर कर लें।
करीब 63 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। भविष्य में जरूरत के अनुसार इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक से लैस इस एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जहां फास्टैग के जरिए बिना रुके टोल भुगतान किया जा सकेगा।
14 जुलाई से लागू होंगी नई टोल दरें
एनएचएआई द्वारा जारी प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार, सबसे अधिक उपयोग करने वाले निजी वाहन चालकों को एक तरफ की यात्रा के लिए 275 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर रियायती दर के तहत 415 रुपये देने होंगे।
वाहनवार टोल शुल्क
| वाहन का प्रकार | एक तरफ का टोल शुल्क |
| कार / जीप / वैन | ₹275 |
| 24 घंटे के भीतर रिटर्न (कार) | ₹415 |
| हल्के कमर्शियल वाहन (LCV) | ₹445 |
| बस | ₹935 |
| ट्रक | ₹935 |
मल्टी एक्सल वाहन | ₹1,020 |
शुरुआती महीनों में NHAI खुद करेगा संचालन
टोल वसूली शुरू होने के बाद शुरुआती **दो से तीन महीने तक एनएचएआई स्वयं टोल प्लाजा का संचालन करेगा।** इस दौरान एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या, ट्रैफिक पैटर्न और राजस्व का आकलन किया जाएगा। इसके बाद आगे की संचालन प्रक्रिया और ठेका व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा।
FASTag Annual Pass वालों को मिलेगा बड़ा फायदा
अगर आपके वाहन पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का ₹3,075 वाला Annual FASTag Pass सक्रिय है, तो यह एक्सप्रेसवे आपके लिए काफी सस्ता साबित होगा।
इस पास के तहत एक वर्ष में 200 यात्राओं तक की सुविधा मिलती है। ऐसे में प्रत्येक यात्रा की औसत लागत करीब 15 रुपये के आसपास पड़ती है। जो लोग रोजाना या नियमित रूप से लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करते हैं, उनके लिए यह योजना काफी किफायती मानी जा रही है।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया गया है। यहां लगाए गए स्मार्ट टोल सिस्टम के कारण वाहन टोल प्लाजा के पास पहुंचने से पहले ही FASTag स्कैन हो जाएगा। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर बेहतर सड़क सुरक्षा, आपातकालीन सहायता, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
यात्रियों के लिए क्या है सलाह?
यदि आप 14 जुलाई के बाद इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले हैं, तो अपने FASTag की वैधता और बैलेंस पहले ही जांच लें। नियमित यात्रा करने वाले वाहन मालिक Annual FASTag Pass का विकल्प चुनकर अपनी यात्रा लागत में काफी बचत कर सकते हैं।
नई टोल व्यवस्था लागू होने के साथ लखनऊ और कानपुर के बीच सफर पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। हालांकि यात्रियों को अब यात्रा की योजना बनाते समय टोल शुल्क को भी अपने बजट में शामिल करना होगा।
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