शेयर बाजार में गिरावट से बढ़ी चिंता, निफ्टी 21,000 तक फिसलने का खतरा! JM Financial ने दी चेतावनी...

बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय जोखिम, निवेश अवधि और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करना जरूरी है। निफ्टी का 21,000 तक पहुंचना जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषण में एक संभावित जोखिम है, न कि तय परिणाम।

By  Preeti Kamal October 23rd 2026 11:57 AM -- Updated: October 23rd 2026 11:44 AM

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) के तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, अगर निफ्टी 50 का सूचकांक 22,000 के अहम स्तर से नीचे फिसलता है, तो अगले तीन महीनों में इसमें 1,500 से 1,600 अंकों तक की और गिरावट आ सकती है। ऐसा होने पर निफ्टी 21,000 के आसपास पहुंच सकता है।

23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में कमजोरी केवल मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े शेयरों में भी दबाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, निफ्टी के 21,000 तक गिरने की आशंका एक संभावित परिदृश्य है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

निफ्टी के लिए 22,000 का स्तर अहम

जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,550 से 22,180 का दायरा महत्वपूर्ण है। बाजार में सुधार शुरू होने पर बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके विपरीत, यदि निफ्टी 22,000 के नीचे फिसलता है और वहां कमजोरी बनी रहती है, तो अगले तीन महीनों में 1,500 से 1,600 अंकों की अतिरिक्त गिरावट का जोखिम पैदा हो सकता है। इस अनुमान के मुताबिक, निफ्टी 21,000 के स्तर को छू सकता है। ऐसे में आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम तकनीकी स्तरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

लगातार चौथे दिन गिरावट से निवेशक परेशान

23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट का दबाव देखने को मिला। खास तौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इससे पहले 22 अक्टूबर को सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 73,249.39 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत टूटकर 22,687.65 पर आ गया था।

बाजार की व्यापक कमजोरी ने बढ़ाई चिंता

जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के केवल 24 प्रतिशत शेयर अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज (DMA) से ऊपर कारोबार कर रहे थे। वहीं, करीब 22 प्रतिशत शेयर अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर थे। ये आंकड़े बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत देते हैं।

मूविंग एवरेज का इस्तेमाल शेयरों और सूचकांकों के रुझान को समझने के लिए किया जाता है। जब बड़ी संख्या में शेयर इन स्तरों से नीचे कारोबार करते हैं, तो यह बाजार में बिकवाली के व्यापक दबाव की ओर संकेत कर सकता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप के मुकाबले लार्जकैप पर नजर

जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में निफ्टी ने निफ्टी मिडकैप 100 के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। इसके चलते अब बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन में सुधार की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है।

हालांकि, लार्जकैप शेयरों में संभावित सुधार भी बाजार की समग्र स्थिति, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगा। यदि निफ्टी अहम समर्थन स्तरों को बनाए रखने में विफल रहता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों के लिए जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय जोखिम, निवेश अवधि और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करना जरूरी है। निफ्टी का 21,000 तक पहुंचना जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषण में एक संभावित जोखिम है, न कि तय परिणाम। 

डिस्क्लेमर: यह खबर बाजार संबंधी रिपोर्ट और विश्लेषण पर आधारित है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

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