ईमेल से मिली बम की धमकी, Ramjas College और Miranda House में अफरा-तफरी...
नई दिल्ली, भारत: दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज और मिरांडा कॉलेज को सोमवार को बम की धमकी मिलने के बाद खाली कराया गया, पुलिस ने बताया। पुलिस के अनुसार, कॉलेज प्रशासन को एक ईमेल मिला था, जिसमें कैंपस में संभावित विस्फोटक होने की सूचना दी गई थी।
जांच के लिए बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया है, जो पूरे परिसर की गहन तलाशी ले रहे हैं। एहतियात के तौर पर छात्रों, स्टाफ और फैकल्टी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। फिलहाल मामले में और जानकारी का इंतजार है।
दिल्ली के मेयर कार्यालय को भी आया था धमकी भरा ईमेल
ताज़ा धमकी ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले बुधवार दिल्ली के मेयर कार्यालय को भी इसी तरह का एक ईमेल भेजा गया था। हालांकि बाद में उस अलर्ट को फर्जी घोषित कर दिया गया, लेकिन इसके चलते कमला मार्केट पुलिस स्टेशन के कर्मियों के साथ बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया था।
स्कूलों और अदालतों को भी मिल चुकी हैं धमकियां
इसके अलावा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों, पंजाब और हरियाणा सचिवालय, और फिरोजपुर जिला अदालत को भी ईमेल के जरिए बम की धमकियां मिलीं थी। इन धमकियों को कथित तौर पर ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ नामक संगठन द्वारा भेजा गया बताया गया, जिसके बाद एहतियातन सभी जगहों पर खाली करवाया गया और बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
1100 से अधिक फर्जी बम धमकियां भेजने वाले गिरफ्तार
पिछले साल से फर्जी बम धमकियों के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई है। इसी महीने की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से 47 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिस पर देशभर में स्कूलों, हाई कोर्ट और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाते हुए 1,100 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की पहचान श्रीनिवास लुईस के रूप में की है, जिसे गुरुवार को दिल्ली पुलिस और स्थानीय टीमों के संयुक्त अभियान के दौरान उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, बार-बार मिल रही इन धमकियों के कारण कई जगहों पर सुरक्षा बढ़ानी पड़ी, लोगों को बाहर निकालना पड़ा और सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। एक अधिकारी ने बताया, “इन धमकियों के चलते कई संस्थानों में सुरक्षा कड़ी करनी पड़ी, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और कामकाज बाधित हुआ। एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज ने भी धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।”