नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी द्वारा राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने जो कहा उसको लेकर पार्टी के सीनियर नेताओं ने उनसे सवालों की बारिश कर दी है।

दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने राघव से कई सवाल पूछे। आतिशी मार्लेना ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "मैं राघव चड्ढा से कुछ सवाल पूछना चाहती हूं कि आप भाजपा से इतना डरते क्यों हो?"

आतिशी ने राघव से पूछे कई सवाल

आप नेता ने पूछ कि आप (राधव चड्ढा) भाजपा और मोदी जी से सवाल उठाने से डरते क्यों हो? आतिशी ने कहा कि आज हमारा देश बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है, हमारे देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा है। आज हमारी आंखों के सामने इलेक्शन कमीशन का मिसयूज करके पश्चिम बंगाल का इलेक्शन चुराया जा रहा है। लेकिन राघव चड्ढा जी आप उस पर सवाल नहीं उठा रहे। उस पर बोलने से डर रहे हैं।

भाजपा पर इलेक्शन चोरी के आरोप पर चुप्पी क्यों ?

आतिशी ने कहा कि हम सबने देखा कि किस तरह से दिल्ली में गलत तरीके वोट काटे गए। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने गलत तरीके से वोट बनाए और भाजपा इलेक्शन चुराकर ले गई। पश्चिम बंगाल में यही हो रहा है। इलेक्शन कमीशन का मिसयूज हो रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन जब तृणमूल कांग्रेस और पूरी अपोजिशन इलेक्शन कमीशन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाती है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर देते हैं।

एलपीजी संकट पर राघव ने बोलने क्यों किया इनकार ?

आतिशी ने कहा कि जब पूरा विपक्ष लोकतंत्र पर कथित हमलों और मोदी की जीत के खिलाफ वॉकआउट करता है, तो वह वॉकआउट में शामिल होने से इनकार कर देते हैं… जब देश में एलपीजी सिलेंडरों का संकट है, आम लोग लंबी कतारों में खड़े होकर कालाबाजारी में सिलेंडर खरीद रहे हैं, और पार्टी उनसे संसद में आवाज उठाने को कहती है, तो वह इनकार कर देते हैं।

इसलिए कहा जा रहा है कि राघव चड्ढा भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी से डरते हैं और अब उनके खिलाफ आवाज उठाने को तैयार नहीं हैं।

सौरभ भारद्वाज ने राघव पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में आवाज उठाई? उन्होंने यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर कथित हमलों के मुद्दे पर चड्ढा ने कोई ठोस पहल क्यों नहीं की।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि संसद में सीमित समय का उपयोग गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए होना चाहिए, लेकिन राघव चड्ढा उस भूमिका में सक्रिय नहीं दिख रहे। यह भी आरोप लगाया गया कि जब पार्टी सांसद वॉकआउट करते हैं, तब भी चड्ढा सदन में मौजूद रहते हैं।

संजय सिंह ने क्या कहा?

सांसद संजय सिंह ने कहा कि बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है जब देश के तमाम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है आप साइन नहीं करते। मोदी के खिलाफ आप आवाज नहीं निकालते हो…तमाम जो मुद्दे जनहित से जुडे हैं, पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुजरात में पीटा जाता है आप उस पर नहीं बोलते।

जब विपक्ष मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करता है तो आप वॉकआउट नहीं करते। ये सारी तमाम चीजें हैं जिसका जवाब देश आपसे चाहता है, देश के लोग आपसे चाहते हैं।

विवाद की शुरुआत

इस विवाद की शुरूआत उस समय हुई जब आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र लिखकर सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप-नेता के पद से हटाने का आग्रह किया। उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया। 

दरअसल, पत्र में कहा गया है कि चड्ढा को सदन में बोलने के लिए ‘AAP’ के निर्धारित कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद आज राघव चड्ढा ने भी एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना।