मालवीय नगर अग्निकांड: होटल के रसोइए की जमानत याचिका खारिज, 14 दिन की न्यायिक हिरासत
नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सोमवार को मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड मामले में आरोपी रसोइए केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। केशव नेगी को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था और सोमवार को अदालत में पेश किया गया। मामले की सुनवाई न्यायाधीश भानु प्रताप सिंह ने की।
नेगी को होटल के मालिक लवकेश बजाज के साथ अदालत में पेश किया गया। लवकेश बजाज पिछले चार दिनों से पुलिस हिरासत में था। उसकी रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद अदालत ने उसे दो दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत में भेज दिया। मामले के एक अन्य आरोपी और होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा ने भी सोमवार को दिल्ली की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। जय मिश्रा 3 जून की घटना के बाद से फरार बताया जा रहा था।
इस मामले में अब तक 3 लोग आरोपी
अब तक इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें होटल मालिक लवकेश बजाज, रसोइया केशव नेगी और अकाउंटेंट जय मिश्रा शामिल हैं।सुनवाई के दौरान केशव नेगी की ओर से पेश अधिवक्ता दीपक प्रकाश ने पुलिस के आरोपों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को इस त्रासदी के लिए गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
बचाव पक्ष के अनुसार, घटना के समय केशव नेगी रसोई में चाय बना रहा था। कुछ ही मिनटों में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसने और एक अन्य व्यक्ति ने अग्निशामक यंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।
रसोइये ने की थी रसोई को ऊपरी मंज़िल में शिफ्ट करने की बात
वकील ने अदालत को बताया कि नेगी ने तुरंत होटल प्रबंधन को घटना की जानकारी दी थी। बचाव पक्ष का कहना है कि उसकी जिम्मेदारी केवल सुरक्षा संबंधी चिंताओं से प्रबंधन को अवगत कराना था। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेगी कई बार होटल प्रबंधन से बेसमेंट में स्थित रसोई को ऊपरी मंजिल पर स्थानांतरित करने की मांग कर चुका था।
रसोइये के खिलाफ लापरवाही साबित करने का कोई सबूत नहीं- बचाव पक्ष
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि 57 वर्षीय केशव नेगी एक अनुभवी रसोइया है और उसके खिलाफ गंभीर लापरवाही साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नेगी इस मामले में मुख्य गवाह हो सकता है, न कि मुख्य आरोपी। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि आग रसोइए की लापरवाही और गैस रिसाव के कारण लगी थी।
जांच के दौरान इमारत में कई सुरक्षा खामियां और अग्नि सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन भी पाए गए हैं। गौरतलब है कि 3 जून को मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में भीषण आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। रविवार को उपचार के दौरान एक विदेशी नागरिक की भी मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई।