राघव चड्ढा की वोटर लिस्ट पर घमासान, AAP विधायक ने चुनाव आयोग से पूछा- क्या नियम सबके लिए समान हैं?
राघव चड्ढा के नाम को पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में ‘Shifted’ बताए जाने पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। AAP विधायक संजीव झा ने चुनाव आयोग से नियमों की समानता पर जवाब मांगा, जबकि चड्ढा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य सचेतक और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने पंजाब की मतदाता सूची में BJP सांसद राघव चड्ढा के नाम से जुड़े विवाद को लेकर चुनाव आयोग (ECI) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आयोग से पूछा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के नियम क्या सभी नागरिकों के लिए समान हैं। संजीव झा ने गुरुवार को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि आम नागरिकों, गरीबों और प्रवासियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आयोग को राघव चड्ढा के मामले में अपनी स्थिति देश के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।
संजीव झा ने चुनाव आयोग से सवाल करते हुए कहा कि क्या मतदाता सूची में नाम जोड़ने के नियम सभी के लिए समान हैं या राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों के लिए कोई अलग व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक, गरीब और प्रवासी अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो उनकी शिकायतों पर भी समान रूप से सुनवाई होनी चाहिए। झा ने कहा कि चुनाव आयोग को केवल निष्पक्षता दिखानी नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपनी निष्पक्षता साबित भी करनी चाहिए। अगर राघव चड्ढा के मामले में कोई विशेष प्रक्रिया अपनाई जा रही है तो देश को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
राघव चड्ढा ने लगाया था ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप
इससे पहले BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम ‘Shifted’ यानी स्थानांतरित के रूप में दर्ज किए जाने का आरोप लगाया था। चड्ढा ने कहा था कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है, लेकिन मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम को ‘Shifted’ के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का मामला बताते हुए पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा था।
‘अभी अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित नहीं हुई’
राघव चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह फिलहाल मसौदा मतदाता सूची है और अंतिम मतदाता सूची अभी प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चल रही दावे और आपत्ति (Claims and Objections) प्रक्रिया के दौरान नाम और अन्य विवरणों में सुधार कराया जा सकता है। चड्ढा के अनुसार, वह Special Intensive Revision (SIR) के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी।
SIR के प्रावधान का भी दिया हवाला
राघव चड्ढा ने अपने बयान में ECI की SIR संबंधी विस्तृत गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(d) का हवाला दिया। उनका दावा है कि इसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित कुछ श्रेणियों के लोगों के नामों को लेकर विशेष प्रावधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मामले में इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया। चड्ढा ने कहा कि पंजाब में AAP की सरकार हो सकती है, लेकिन राज्य की मसौदा मतदाता सूची किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है।
AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए थे चड्ढा
राघव चड्ढा ने अप्रैल 2026 में AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। इससे पहले उन्हें AAP की ओर से राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। अब मतदाता सूची में उनके नाम को लेकर BJP और AAP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, मामले में अंतिम स्थिति मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित चुनाव अधिकारियों के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।