अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी चुप हैं और अमेरिका के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर राहुल गाँधी ने लिखा, "अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ ही दिनों बाद भी न कोई पछतावा है और न ही कोई माफी। इसके उलट अमरीका लगातार आदेश दे रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "उनके शब्द पढ़िए- अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करो। किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
राहुल गाँधी ने पीएम पर लगाया आरोप
राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि "एक स्वतंत्र देश ऐसी भाषा कभी स्वीकार नहीं करेगा। लेकिन हमारे 'कम्प्रोमाइज्ड पीएम' खामोश हैं। वे एक आज्ञाकारी सेवक की तरह सुनते हैं और आदेशों का पालन करते हैं।"
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद गल्फ ऑफ ओमान में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। अमेरिकी बलों ने जहाज पर कार्रवाई करते हुए उस पर हमला किया, जिसमें सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। अमरीका का आरोप था कि जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लागू नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।
भारत ने दर्ज कराया विरोध
घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिका के प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों को लेकर चल रहे वाणिज्यिक जहाजों पर घातक सैन्य कार्रवाई अस्वीकार्य है। यह कुछ दिनों के भीतर दूसरी बार था जब अमेरिकी राजनयिक को तलब किया गया। MEA ने स्पष्ट कहा कि नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक बल का प्रयोग अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।
विपक्ष का लगातार हमला
राहुल गाँधी इससे पहले भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि किसी विदेशी शक्ति द्वारा भारतीय नागरिकों की जान लिए जाने पर प्रधानमंत्री को खुलकर बोलना चाहिए। फिलहाल इस घटना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जबकि भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।