नई दिल्ली: केंद्र सरकार के नए निर्देशों के बाद डीजल की खरीद और बिक्री को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नई अधिसूचना के तहत अब किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) नहीं बेचा जाएगा। साथ ही व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को सामान्य रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति भी नहीं होगी। यह व्यवस्था फिलहाल अगले 90 दिनों तक लागू रहेगी।
इस फैसले का असर अलीगढ़ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में ट्रांसपोर्ट कारोबार, औद्योगिक इकाइयों, बड़े जनरेटर संचालकों, कोल्ड स्टोरेज और थोक स्तर पर डीजल खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। हालांकि आम कार, बाइक और छोटे वाहन चालकों को इससे विशेष परेशानी होने की संभावना नहीं है, क्योंकि उनके वाहनों की ईंधन क्षमता 200 लीटर से काफी कम होती है।
नई व्यवस्था के पालन करने के लिए विशेष निर्देश जारी
अलीगढ़ एक कृषि प्रधान जिला है, जहां खेती-किसानी के कार्यों में डीजल की बड़ी मात्रा में खपत होती है। इसके अलावा भारी वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों में भी डीजल का व्यापक उपयोग किया जाता है। जिले में वर्तमान में लगभग 190 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां नई व्यवस्था के पालन के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
Ministry of Petroleum & Natural Gas: This Control Order restricting daily sales of retail HSD (High Speed Diesel) to 200 litres is to prevent bulk purchase of HSD from Retail Outlets for diversion and resale to commercial and industrial customers causing supply issues. This… pic.twitter.com/cwIrA3sRjc
— ANI (@ANI) June 12, 2026
नए नियम एक नजर में...
- एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री नहीं
- कमर्शियल और संस्थागत ग्राहकों को रिटेल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा
- डीजल की रीसेल पर पूर्ण रोक
- नियम फिलहाल 90 दिनों तक लागू
- आम कार और बाइक चालकों पर असर नहीं
किन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नई व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव ट्रांसपोर्टरों, औद्योगिक इकाइयों, ईंट भट्ठों, कोल्ड स्टोरेज संचालकों और बड़े जनरेटर इस्तेमाल करने वाले संस्थानों पर पड़ सकता है। ऐसे उपभोक्ता अब अपनी आवश्यकता के अनुसार बड़ी मात्रा में डीजल रिटेल पेट्रोल पंपों से नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल और संस्थागत ग्राहकों को अपनी जरूरत का ईंधन अधिकृत कंज्यूमर पंपों या निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से ही प्राप्त करना होगा।
पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश
नई अधिसूचना के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक हाई-स्पीड डीजल न बेचें। इसके अलावा खरीदे गए डीजल की दोबारा बिक्री (रीसेल) पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आम लोगों को नहीं होगी परेशानी
ईंधन कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य वाहन मालिकों के लिए यह बदलाव लगभग नगण्य रहेगा। अधिकांश कारों का फ्यूल टैंक 40 से 70 लीटर तक का होता है, जबकि बड़ी एसयूवी में भी यह क्षमता सामान्यतः 100 लीटर के आसपास रहती है। ऐसे में 200 लीटर की सीमा मुख्य रूप से बड़े उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी।
क्या होता है हाई-स्पीड डीजल?
वाहनों, ट्रकों, बसों, कृषि उपकरणों और जनरेटरों में इस्तेमाल होने वाला सामान्य डीजल तकनीकी रूप से हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) कहलाता है। इसका उपयोग परिवहन, कृषि, निर्माण कार्य, औद्योगिक मशीनरी और बिजली उत्पादन में बड़े पैमाने पर किया जाता है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था प्रारंभिक रूप से 90 दिनों के लिए लागू की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है या सरकार इसे समय से पहले वापस भी ले सकती है।
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