हैदराबाद: धार्मिक पाठ का होमवर्क देने पर शिक्षिका बर्खास्त, स्कूल ने लिया बड़ा एक्शन
हैदराबाद के एक निजी स्कूल ने छात्रों को धार्मिक पाठ याद करने का होमवर्क देने के आरोप में एक शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने इसे संस्थान की नीतियों के विरुद्ध बताते हुए भविष्य में भी नियुक्ति पर रोक लगा दी।
हैदराबाद, तेलंगाना: हैदराबाद के चारमीनार ज़ोन स्थित एक निजी स्कूल ने प्राथमिक कक्षा की एक शिक्षिका को छात्रों को धार्मिक आयतें (कलमा और सूरह फातिहा) याद करने का होमवर्क देने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
स्कूल प्रबंधन ने न केवल शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं, बल्कि उन्हें Success Group of Education Institutions में भविष्य में किसी भी नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य भी घोषित कर दिया। 15 जुलाई को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सईदाबाद शाखा में कार्यरत 'मदर टीचर' की सेवाएं 16 जुलाई से प्रभावी रूप से समाप्त कर दी गईं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, संबंधित कक्षा में 25 छात्र थे, जिनमें 24 मुस्लिम और 1 हिंदू छात्र शामिल था। शिक्षिका ने सभी छात्रों को दैनिक होमवर्क के रूप में कलमा और सूरह फातिहा का पाठ करने के लिए कहा था। बुधवार शाम जब हिंदू छात्र के अभिभावकों ने होमवर्क देखा, तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि छात्रों पर धार्मिक पाठ थोपना उचित नहीं है।
पुलिस ने क्या कहा?
चारमीनार ज़ोन के डीसीपी खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि यह मामला शिक्षा नीति और स्कूल की आंतरिक नीति का उल्लंघन था। उन्होंने कहा, "25 छात्रों की कक्षा में एक हिंदू छात्र भी था। सभी को कलमा पढ़ने का होमवर्क देना शिक्षा नीति और स्कूल की नीति का स्पष्ट उल्लंघन है। शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया।"
प्रदर्शन, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण
घटना के बाद कुछ स्थानीय संगठनों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई और 30 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया। डीसीपी ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत है और अभिभावकों ने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को सांप्रदायिक रंग न दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
स्कूल प्रबंधन का बयान
स्कूल प्रशासन ने कहा कि संस्था धर्मनिरपेक्ष शिक्षा नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कक्षा में दिए जाने वाले असाइनमेंट की आंतरिक जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।