NCERT की नई किताब में बदली गई सिंधु घाटी की ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर, उठा विवाद
नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पुस्तक में प्रकाशित तस्वीर में प्रतिमा के रंग और स्वरूप में बदलाव किया गया है।
मोहनजो-दड़ो से प्राप्त लगभग 4500 वर्ष पुरानी कांस्य प्रतिमा भारतीय इतिहास और पुरातत्व की सबसे प्रसिद्ध धरोहरों में गिनी जाती है। दशकों से यह प्रतिमा विभिन्न स्कूली पाठ्यपुस्तकों में अपने मूल स्वरूप में दिखाई जाती रही है। हालांकि नई पुस्तक में इसका रंग पहले की तुलना में अधिक गहरा दिखाया गया है और शरीर के कुछ हिस्सों को ढका हुआ दर्शाया गया है।
कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं
यह चित्र NCERT की पहली कला शिक्षा श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। अब तक कक्षा 1 से 9 तक की पुस्तकें जारी की जा चुकी हैं। मूल ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 10.5 सेंटीमीटर है। यह कांस्य से बनी है और अपनी प्राकृतिक कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती है। प्रतिमा में एक हाथ पर कई चूड़ियां और गले में हार दिखाई देता है, जबकि बाकी शरीर बिना वस्त्र के दर्शाया गया है।
NCERT के निदेशक से नहीं आया कोई जवाब
इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए NCERT के निदेशक दिनेश सकलानी से संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, NCERT के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि मामले को पाठ्यपुस्तक विकास टीम के पास समीक्षा के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि फिलहाल तस्वीर में बदलाव के पीछे कोई विशेष कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल’ को उसके मूल स्वरूप में ही प्रकाशित किया गया है।
मोहनजो-दड़ो की प्रतिमा से जुड़ा विवाद पहले भी आया है सामने
यह पहली बार नहीं है जब मोहनजो-दड़ो की यह प्रसिद्ध प्रतिमा विवादों में आई हो। मई 2023 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल म्यूजियम एक्सपो का उद्घाटन किया था। इस दौरान कार्यक्रम के शुभंकर के रूप में ‘डांसिंग गर्ल’ का आधुनिक रूप पेश किया गया था। उस समय आयोजकों ने इसे प्राचीन प्रतिमा की समकालीन व्याख्या बताया था, लेकिन कई इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसकी आलोचना की थी। आलोचकों का कहना था कि मूल प्रतिमा के स्वरूप में काफी बदलाव किया गया है। जहां प्राचीन कांस्य प्रतिमा गहरे रंग की और लगभग निर्वस्त्र दिखाई देती है, वहीं शुभंकर को हल्के रंग और आधुनिक परिधान में प्रस्तुत किया गया था।
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने सरकार पर उठाए सवाल
इंडियन नेशनल कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर सवाल उठाए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "NCERT की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में मोहनजो-दड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की तस्वीर छपी है, जिसमें उसका धड़ ढका हुआ है। ऐसे समय में जब NEET पेपर लीक और CBSE OSM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय इन चीज़ों को प्राथमिकता दे रहा है। हर जगह अयोग्य और अक्षम लोग अहम पदों पर बैठे हैं। @dpradhanbjp को शर्म आनी चाहिए!"
कक्षा-9 की पाठ्यपुस्तक को लेकर बहस शुरू
अब कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तक में प्रकाशित तस्वीर को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनकी मूल पहचान और स्वरूप के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। वहीं, NCERT की समीक्षा टीम इस मामले की जांच कर रही है।