नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ा कानूनी समर्थन मिला है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें तीन आरोपियों से न्यायिक हिरासत के दौरान जेल में पूछताछ करने की अनुमति मांगी गई थी। अवकाशकालीन न्यायाधीश सुरेंद्र मोहित सिंह ने सीबीआई को आरोपी मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार और धनंजय लोखंडे से 17 जून से 19 जून तक जेल में पूछताछ करने की अनुमति दी। अदालत ने प्रत्येक दिन एक घंटे की पूछताछ की इजाजत दी है।
साथ ही अदालत ने मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद कुमार, मनीषा वाघमारे और मनीषा हवालदार की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए आरोपी
सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वी.के. पाठक और जांच अधिकारी बी.पी. राजू अदालत में उपस्थित हुए। सीबीआई ने अदालत को बताया कि कुछ गवाहों के बयानों में नए तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि इन तीन आरोपियों से पूछताछ करके की जानी आवश्यक है।
STORY | NEET paper leak: Court allows CBI to quiz 3 accused in jailA court here on Monday allowed the CBI’s plea to question three accused in jail in the NEET paper leak case. Duty judge Surender Mohit Singh was hearing the agency’s plea to question in judicial custody three… pic.twitter.com/dGGiSmRIQN
— Press Trust of India (@PTI_News) June 15, 2026
इस मामले में 12 मई को दर्ज हुई FIR
मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी मंगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET प्रश्नपत्र हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।
CBI का दावा, ₹10 लाख में प्रश्नपत्र का सौदा
सीबीआई का दावा है कि मंगीलाल को यश यादव के माध्यम से 10 लाख रुपये के सौदे में लीक प्रश्नपत्र मिला था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान यश यादव से हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम खैरनार ने कथित तौर पर सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मंगीलाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। सीबीआई के अनुसार, मंगीलाल ने बाद में यही प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों को लगभग 12 लाख रुपये में बेचा।
आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत पर 16 जून को होगी सुनवाई
इस बीच, अदालत ने 9 जून को मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर 16 जून को सुनवाई होनी है। याचिका में उसने 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित होने के लिए अंतरिम राहत की मांग की है। NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सीबीआई इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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