नई दिल्ली: छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। भारी हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली भारोत्तोलक मीराबाई चानू को बधाई दी। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
विपक्ष ने संसद के बाहर भी किया प्रदर्शन
इससे पहले विपक्षी दलों ने संसद परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल 20 जुलाई की घटना को लेकर अपनी मांग पर कायम हैं और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग को लेकर सदन में चर्चा में हिस्सा नहीं लेने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। विपक्ष ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव और राज्यसभा में कार्य स्थगन के नोटिस दिए हैं। इन नोटिसों में 20 जुलाई को NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे पर हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग की गई है।
Parliament Storm: Both Houses adjourned till 12 PM amid massive Opposition ruckus over police actionRead @ANI Story |https://t.co/Hid8nSI1gP#Parliament #RajyaSabha #LokSabha #Adjourn pic.twitter.com/oEohfN1ail
— ANI Digital (@ani_digital) July 27, 2026
राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब
एक दिन पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही की मांग की थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने “अंधाधुंध बल प्रयोग” किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छात्रों पर कथित रूप से पेलेट गन के इस्तेमाल को गृह मंत्री की मंजूरी मिली थी।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठी चलाते दिख रहे लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक और उनकी तैनाती की अनुमति किसने दी। राहुल गांधी ने महिला छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और कई लोगों, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है, के गंभीर रूप से घायल होने का भी आरोप लगाया। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे और अन्य मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद की ओर ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई थीं।
Add GTC Bharat on Google