नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर केंद्र सरकार के हालिया कदमों की सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित किए जाने को देश के युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया।

विशेषज्ञ समिति के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए तरुण चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 से ही छात्रों और युवाओं के हितों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाना एक बड़ा कदम है।

‘पेपर लीक माफिया पर हो सख्त कार्रवाई’

तरुण चुग ने कहा कि पेपर लीक माफिया युवाओं के सपनों पर हमला कर रहा है और ऐसे मामलों में सख्त सजा के साथ-साथ समयबद्ध जांच और तेजी से सुनवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत मामलों की जांच समय सीमा में पूरी की जाएगी और अदालतों में रोजाना सुनवाई का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा और भारी जुर्माना मिलना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराध करने से पहले कई बार सोचे।

टेक्नोलॉजी से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर जोर

बीजेपी नेता ने परीक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार करने से योग्य छात्रों को उनके अधिकार के अवसर मिलेंगे। चुग ने कहा कि परीक्षा सुधारों के लिए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन, सख्त कानून और देश के निर्माण में युवाओं की भूमिका—ये सभी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम हैं।

विपक्ष पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप

तरुण चुग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर संसद में सार्थक चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए, न कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं में छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से अपने पक्ष में करने की होड़ लगी हुई है।

चुग ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य समाधान निकालने के बजाय भ्रम और डर फैलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार, सख्त कानून और तकनीकी उपायों के जरिए युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में काम कर रही है।