NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी को परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति

By  Preeti Kamal June 2nd 2026 01:30 PM -- Updated: June 2nd 2026 12:52 PM

नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसमें उसने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति मांगी थी। इस बीच, अदालत ने मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने यश यादव को न्यायिक हिरासत के दौरान पढ़ाई के लिए किताबें रखने की अनुमति प्रदान की। सुनवाई के दौरान यश यादव की ओर से अधिवक्ता अंबिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को 21 जून को निर्धारित नीट-यूजी परीक्षा की तैयारी के लिए किताबों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यश यादव 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में भी शामिल हुआ था

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 20 मई को 5 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा 

इस पर अदालत ने पूछा कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है, क्योंकि वह इस मामले में आरोपी है। गौरतलब है कि 20 मई को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई पूछताछ पूरी होने के बाद पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई की ओर से जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक पवन कुमार कौशिक ने हिरासत बढ़ाने की मांग की थी।

इस मामले में 12 मई 2026 को दर्ज की गई थी FIR

मामले में आरोप है कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद प्रश्नपत्र लीक करने और बेचने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।

शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया- CBI

सीबीआई का आरोप है कि शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मांगीलाल, विकास और दिनेश बिवाल तक पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया कि यश यादव से 10 लाख रुपये में पेपर लेने के बाद मांगीलाल ने इसे अन्य अभ्यर्थियों को 12 लाख रुपये तक में बेचा। इस मामले में सीबीआई ने शुभम खैरनार सहित कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

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