नई दिल्ली, भारत: यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष NEET और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव और सिफारिशें प्रस्तुत कीं। यूडीएफ के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने समिति के अध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान समिति अध्यक्ष ने संगठन द्वारा प्रस्तुत चिंताओं, सुझावों और सिफारिशों को गंभीरता से सुना।
यूडीएफ ने अपने ज्ञापन में कहा कि NEET से जुड़े विवाद केवल परीक्षा के स्वरूप (पेन-पेपर या कंप्यूटर आधारित परीक्षा) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, गोपनीयता और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की विश्वसनीयता जैसे बड़े मुद्दों से भी जुड़े हैं। संगठन ने सिफारिश की कि वर्तमान राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की संरचना को समाप्त कर संसद के कानून के माध्यम से एक नई राष्ट्रीय परीक्षा संस्था का गठन किया जाए।
NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह के उपयोग की जांच की मांग
यूडीएफ का मानना है कि संसद के प्रति जवाबदेह और अधिक सार्वजनिक निगरानी वाली वैधानिक संस्था ही NEET जैसी उच्च महत्व की राष्ट्रीय परीक्षाओं का संचालन करे। संगठन ने NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह (National Emblem) के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग की। यूडीएफ ने कहा कि संबंधित प्राधिकरणों को यह जांच करनी चाहिए कि NTA द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग और आधिकारिक प्रस्तुतीकरण कानूनी रूप से अधिकृत है या नहीं।
Upon being invited as a Special Invitee by the Rajya Sabha Parliamentary Standing Committee, Chairperson Dr. Lakshya Mittal, National President Dr. Babita and the UDF team will participate in the high-level meeting to be held on 1st June in the Indian Parliament.In this… pic.twitter.com/LHrLCszhAE
— UNITED DOCTORS FRONT (UDF) (@UDF_BHARAT) May 30, 2026
'पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए'
यूडीएफ ने यह भी कहा कि NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक के आरोपों को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए। संगठन ने NEET-UG 2024 के लंबित विवादों, विशेष पंजीकरण विंडो, परीक्षा केंद्र आवंटन, ग्रेस मार्क्स, एजेंसियों और केंद्रों की भूमिका तथा पूर्व जांचों में कथित असहयोग जैसे मुद्दों की भी संयुक्त जांच की मांग की।
संगठन के अनुसार, NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है। इसलिए सभी संस्थागत खामियों, अधिकारियों, एजेंसियों, विक्रेताओं, परीक्षा केंद्रों और जिम्मेदार व्यक्तियों की व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।
NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है
डॉ. बबीता सिकरीवाल और डॉ. राकेश बेनीवाल ने कहा कि NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि भारत की मेडिकल शिक्षा प्रणाली में प्रवेश का मुख्य द्वार है। इसलिए इसकी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। यूडीएफ ने उम्मीद जताई कि संसदीय समिति छात्रों, मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और जनविश्वास के व्यापक हित में इन सुझावों पर विचार करेगी।
Add GTC Bharat on Google