57वें IFFI की तैयारियां तेज: गोवा में 20 से 28 नवंबर तक सजेगा अंतरराष्ट्रीय सिनेमा का मंच

57वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की पहली संचालन समिति बैठक नई दिल्ली में हुई। गोवा में 20 से 28 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले IFFI में युवा फिल्मकारों, मास्टरक्लास, मेंटरशिप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विशेष जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य भारतीय रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सिनेमा को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाना है।

By  Preeti Kamal August 22nd 2026 05:40 PM -- Updated: August 22nd 2026 04:40 PM

नई दिल्ली: 57वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) की तैयारियों को लेकर पहली संचालन समिति की बैठक 21 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित की गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन की अध्यक्षता में हुई बैठक में युवा और उभरते फिल्मकारों को अधिक अवसर देने तथा महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि IFFI के 57वें संस्करण में युवा छात्रों, उभरते फिल्मकारों और भारतीय फिल्म उद्योग के अनसुने नायकों को अधिक अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म महोत्सव युवा प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने, स्थापित फिल्मकारों से सीखने और वैश्विक फिल्म समुदाय से जुड़ने का अवसर प्रदान करे। साथ ही दुनिया भर की उत्कृष्ट फिल्मों और प्रमुख रचनात्मक प्रतिभाओं को भारत से जोड़कर IFFI की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाए।

मास्टरक्लास और मेंटरशिप पर विशेष जोर

डॉ. मुरुगन ने युवा प्रतिभाओं के लिए मास्टरक्लास, स्थापित फिल्मकारों के साथ संरचित संवाद और सार्थक मेंटरशिप के अवसरों को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय सिनेमा की विविधता और ताकत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पेशेवर आदान-प्रदान के नए अवसर विकसित करने की बात कही।

'ऑरेंज इकोनॉमी' को बढ़ावा देने की पहल

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारत की ऑरेंज इकोनॉमी और रचनात्मक उद्योगों को मजबूत करने के लिए नई पहल कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रतिभा, नवाचार और वैश्विक सहयोग के लिए नए अवसर तैयार करना है। सरकार का फोकस भारत की तेजी से बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने पर भी है।

मनोहर पर्रिकर की विरासत को किया याद

डॉ. मुरुगन ने IFFI के विकास और सफलता में गोवा सरकार की भूमिका की सराहना की। उन्होंने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए कहा कि उनकी सोच और प्रयासों ने गोवा को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के निरंतर सहयोग और IFFI को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक आयोजन बनाने के प्रयासों की भी सराहना की।

NFDC ने पेश की तैयारियों की रिपोर्ट

बैठक के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि IFFI को भारत की बढ़ती रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय रचनात्मक समुदायों के बीच सहयोग मजबूत करने के प्रमुख मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वहीं, NFDC के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम ने 57वें IFFI की तैयारियों और विभिन्न प्रस्तावित पहलों पर प्रस्तुति दी। IFFI के फेस्टिवल डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने संचालन समिति की सिफारिशों का स्वागत किया। उन्होंने मास्टरक्लास को मजबूत करने, युवा फिल्मकारों को अधिक अवसर देने और भारत व विदेशों से उत्कृष्ट फिल्मों तथा प्रमुख फिल्मी हस्तियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मंत्रालय, NFDC और गोवा सरकार के बीच समन्वय पर जोर

संचालन समिति ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, NFDC, गोवा सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के बीच निरंतर और मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। समिति ने विश्वास जताया कि 57वां IFFI सिनेमा, रचनात्मकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग के एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। साथ ही भारतीय फिल्मकारों और रचनात्मक पेशेवरों को दुनिया के साथ सार्थक रूप से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।

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