तंबाकू, गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध की मांग, DUA प्रतिनिधिमंडल ने CM से की मुलाकात...

By  Preeti Kamal March 14th 2026 09:32 PM -- Updated: March 14th 2026 09:09 PM

ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में Dream for United Arunachal (DUA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री पेमा खांडू से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष डॉ. गुमजुम हैदर कर रहे थे, जो पूर्व राज्य सूचना आयुक्त (SIC) भी रह चुके हैं।

बैठक के दौरान DUA नेतृत्व ने राज्यभर में तंबाकू, गुटखा और पान मसाला उत्पादों पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए एक औपचारिक याचिका प्रस्तुत की। संगठन ने कहा कि इन उत्पादों के बढ़ते उपयोग से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पैदा हो रहा है, जो राज्य के युवाओं और भविष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।

पान मसाला, तंबाकू से हो रही हैं गंभीर बीमारियां 

'पैन अरुणाचल' ढांचे के तहत जनजातीय एकता को बढ़ावा देने वाले इस संगठन ने जोर देकर कहा कि लोगों का स्वास्थ्य और गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। DUA के अध्यक्ष ने कहा कि इन विषैले पदार्थों की व्यापक उपलब्धता के कारण मौखिक कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक अवसंरचना को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।


DUA के अध्यक्ष ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और कचरा फैलाने की प्रवृत्ति ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को भी दूषित कर दिया है, जो “स्वच्छ और जीवंत अरुणाचल” की परिकल्पना के बिल्कुल विपरीत है।

आदिवासी संस्कृति से असंगत आधुनिक लत

डॉ गुमजुम हैदर ने यह भी कहा कि इस प्रकार की आधुनिक लतें राज्य की स्वदेशी संस्कृति और समृद्ध विरासत से पूरी तरह विदेशी हैं। उनके अनुसार ऐसी आदतें पारंपरिक जीवन मूल्यों—ऊर्जा और सामर्थ्य—को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक प्रगति का आकलन उसके नागरिकों के शारीरिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की स्वच्छता से होना चाहिए।

DUA टीम ने उपमुख्यमंत्री चोवना मेइन से भी की भेंट

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद DUA टीम ने विधानसभा कार्यालय में उपमुख्यमंत्री चोवना मेइन से भी भेंट की और उन्हें प्रस्तुत की गई औपचारिक याचिका तथा इस सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए एक समन्वित प्रशासनिक प्रतिक्रिया की तत्काल आवश्यकता के बारे में अवगत कराया।

जागरूकता अभियान और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका पर जोर

इन चिंताओं के समाधान के लिए DUA ने राज्य सरकार से बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने और स्थानीय नेताओं, जिनमें कॉरपोरेटर और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हैं, को सशक्त बनाने का आग्रह किया ताकि यह अभियान दूरदराज के गांवों तक पहुंच सके।

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