नई दिल्ली, भारत: बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि अब तक कुल 2,929 भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है, जिनमें से 29 को पिछले 24 घंटों में वापस लाया गया है। पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग में मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने आश्वासन दिया कि फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाजों और चालक दल पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी नाविक सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा, “क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।” उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय ने अब तक 2,829 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है और हाल ही में 29 नाविकों को वापस लाया गया है।
While briefing the media on the recent developments in #WestAsia, Shri Mukesh Mangal, Addl. Secretary, Ministry of Ports, Shipping & Waterways, stated that all Indian vessels and crew currently in the Persian Gulf are being closely monitored. All seafarers in Persian Gulf remain… pic.twitter.com/B2nuPEABmN
— Ministry of Ports, Shipping and Waterways (@shipmin_india) April 29, 2026
लगभग 8,000 कॉल और 17,000 ईमेल प्राप्त हुए हैं
नौवहन महानिदेशालय का कंट्रोल रूम लगातार सहायता और सवालों का जवाब दे रहा है। अब तक लगभग 8,000 कॉल और 17,000 ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 24 घंटों में 114 कॉल और 276 ईमेल दर्ज किए गए। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच विवाद खत्म करने को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। हालांकि 21 अप्रैल की समय सीमा के बाद भी अस्थायी युद्धविराम जारी है, जिससे दोनों देशों को बातचीत का समय मिल रहा है।
The Minister for Ports, Shipping and Waterways informed that as of 28 April, the Ministry, in coordination with the Ministries of Petroleum and Natural Gas and Fertilisers, is closely monitoring the situation. The DG Shipping control room has handled over 8000 calls and 17000… pic.twitter.com/FIaqN5pyGQ
— PIB India (@PIB_India) April 29, 2026
ईरान के हालिया कूटनीतिक रुख पर ट्रम्प नाराज
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के हालिया कूटनीतिक रुख पर नाराजगी जताई है और कहा है कि जब तक परमाणु मुद्दे पर स्पष्ट समाधान नहीं होता, बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान “गंभीर स्थिति” में है और Strait of Hormuz को जल्द से जल्द खोलने की कोशिश कर रहा है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने “राष्ट्रीय हितों” को प्राथमिकता देते हुए OPEC और OPEC से बाहर होने का ऐलान किया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।