नई दिल्ली, भारत: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में स्वागत किया, जब राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उनके विलय को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे “राष्ट्र निर्माण” की दिशा में कदम बताते हुए रिजिजू ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर भी निशाना साधा और उसे “टुकड़े-टुकड़े INDI एलायंस” कहा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रिजिजू ने लिखा, “राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने AAP के 7 सांसदों के BJP में विलय को स्वीकार कर लिया है। अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी BJP संसदीय दल के सदस्य हैं। मैंने लंबे समय से देखा है कि इन 7 सांसदों ने कभी अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया और न ही अनुशासनहीनता दिखाई। राष्ट्र निर्माण वाले NDA में आपका स्वागत और टुकड़े-टुकड़े INDI एलायंस को अलविदा।”

अब राज्यसभा में BJP की संख्या 113 हो गई

इस फैसले के बाद राज्यसभा में BJP की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।AAP के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसके दो-तिहाई सांसद अलग हो गए और अब ऊपरी सदन में पार्टी की संख्या घटकर तीन रह गई है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को AAP से अलग होकर BJP जॉइन की थी। वहीं हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल भी BJP में शामिल हो गए।

संजय सिंह ने की 7 सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग

इस बीच, AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति से सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 4 के तहत इस “विलय” को चुनौती दी और पैरा 2(1)(a) के तहत अयोग्यता की मांग की।

AAP ने इस घटनाक्रम को 'विश्वासघात' बताया 

हालांकि, दसवीं अनुसूची के अनुसार यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो अयोग्यता लागू नहीं होती। सातों सांसद इस शर्त को पूरा करते हैं, इसलिए उनका BJP में विलय मान्य माना गया। इस घटनाक्रम के बाद AAP नेताओं ने इसे 'विश्वासघात' बताया है, जबकि BJP ने इसका स्वागत किया है।