इबोला अलर्ट के बीच छत्तीसगढ़ सतर्क, दुर्ग में 3 विदेशी नागरिक क्वारंटीन

By  Preeti Kamal June 6th 2026 01:00 PM -- Updated: June 6th 2026 11:45 AM

रायपुर, छत्तीसगढ़: अफ्रीका के कई देशों में इबोला वायरस के मामलों में हालिया वृद्धि के बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य किसी भी संभावित वायरस संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत एक नई जन शिकायत हेल्पलाइन शुरू करने की भी घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर के अस्पतालों और क्वारंटीन केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।

उन्होंने बताया कि दुर्ग में पृथक रखे गए तीनों व्यक्ति अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं और एहतियात के तौर पर उन्हें 21 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है। पत्रकारों से बातचीत में जायसवाल ने कहा, "पिछले एक महीने से राज्य सरकार हर स्तर पर पूरी तरह तैयार है। दुर्ग में पृथक किए गए तीनों लोग अफ्रीकी देशों के नागरिक हैं और उन्हें सावधानी के तौर पर 21 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। अब तक की जांच में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है और उनमें किसी प्रकार के लक्षण भी नहीं पाए गए हैं।"

त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू कर रही है। उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि यह पहल प्रदेश के लोगों को बड़ी राहत देगी और सरकार के प्रति उनका भरोसा मजबूत करेगी। यदि मुख्यमंत्री जनता को एक टोल-फ्री नंबर उपलब्ध कराते हैं तो इसका मतलब है कि कुछ समस्याएं सीधे उन तक नहीं पहुंच पातीं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि ऐसी समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंच सकें।" कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी के हालिया इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए जायसवाल ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है और वे केवल सत्ता प्राप्त करने के लिए चुनाव लड़ते हैं।

राज्य सरकार इबोला वायरस से निपटने की तैयारी में 

इस बीच, राज्य सरकार इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए लगातार निगरानी और एहतियाती उपायों को मजबूत कर रही है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। कांगो और युगांडा में इबोला रोग के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) 2005 के तहत इसे "अंतरराष्ट्रीय महत्व की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति" (PHEIC) घोषित किया था।

राजस्थान में इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले की मिली सूचना

उधर, शुक्रवार को राजस्थान में इबोला वायरस के एक संदिग्ध मामले की सूचना मिली। युगांडा से आई एक विदेशी महिला में इबोला जैसे लक्षण पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं। युगांडा की यह महिला शारजाह से जयपुर पहुंची थी। नियमित हवाई अड्डा जांच के दौरान उसमें इबोला जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कर सख्त निगरानी में रखा गया है।

इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार है

महिला के नमूने जांच के लिए पुणे स्थित विशेष प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इबोला एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार (वायरल हेमरेजिक फीवर) है, जो इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैलता है। यह अत्यंत गंभीर बीमारी है और इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है। फिलहाल बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाले इबोला संक्रमण की रोकथाम या उपचार के लिए कोई स्वीकृत टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। भारत में अब तक बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाले इबोला रोग का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।

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