CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और रत्ना सिंह ने हिरासत में लेने का दावा किया, बोले- ‘यह तानाशाही है’
CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और रत्ना सिंह ने दिल्ली में हिरासत में लेने की कोशिश का दावा किया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली पुलिस की कार्रवाई जारी रही। CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके और संगठन की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने दावा किया कि उन्हें प्रदर्शन के दिन हिरासत में लिया जा रहा है। दीपके ने इसे तानाशाही करार दिया, जबकि रत्ना सिंह ने अपनी हिरासत को कथित तौर पर अवैध बताया।
CJP कार्यकर्ता अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली आ रहे थे। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से उतरते समय पुलिस उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में लेने पहुंच गई।
विमान के अंदर पुलिस कार्रवाई का दीपके ने किया दावा
वीडियो में दीपके को यह आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है कि दिल्ली पुलिस विमान के अंदर दाखिल होकर उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विमान के उतरते ही पुलिसकर्मी उसके गलियारे में खड़े हो गए और उन्हें विमान के भीतर से ही पकड़ने का प्रयास किया गया।
दीपके ने दावा किया कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन उन्हें अपराधियों की तरह विमान से ही हिरासत में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए इसे तानाशाही बताया। ये आरोप दीपके की ओर से साझा किए गए वीडियो में लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में विमान के भीतर हुई कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस का अलग से कोई जवाब शामिल नहीं है।
रत्ना सिंह ने घर के बाहर हिरासत में लेने का आरोप लगाया
CJP ने अपनी कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह का भी एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने दावा किया कि जब वह अपनी कार से घर से निकलने की कोशिश कर रही थीं, तब पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेने पहुंच गए। रत्ना सिंह के अनुसार, पुलिसकर्मी सुबह उनके घर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आधिकारिक नोटिस या दस्तावेज मांगे गए, तो उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्हें हिरासत में लेने के आदेश ऊपर से मिले हैं।
रत्ना सिंह ने यह भी दावा किया कि पुलिस उन्हें कार से बाहर निकलने के लिए कह रही थी और वह कार से बाहर नहीं निकलीं। उन्होंने इस स्थिति को सड़क पर अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने जैसा बताया।
ध्रुव राठी को हिरासत में लेने का भी CJP का दावा
CJP ने सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया कि कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया है। संगठन ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग सवाल पूछने वाले युवाओं से डरते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि या इस संबंध में दिल्ली पुलिस का आधिकारिक बयान शामिल नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी दी
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अलग-अलग स्थानों से समूहों में पहुंचे करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 50 लोगों को भी एहतियाती कार्रवाई के तहत पकड़ा गया।
पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई माहौल बिगाड़ने और अशांति फैलाने की आशंका को रोकने के लिए की गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले को 20 परिचालन क्षेत्रों में बांटा गया है और प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग हिरासत केंद्र निर्धारित किया गया है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर जुटे कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। राजधानी के प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाई गई और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के 46 स्टेशन बंद रखे गए।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम
CJP और अन्य संगठनों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए व्यापक बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा उपायों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकना और 20 जुलाई के प्रदर्शनों जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति से बचना है।
जहां प्रदर्शनकारियों ने हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं पुलिस ने अपनी कार्रवाई को एहतियाती सुरक्षा उपायों का हिस्सा बताया है। विमान में पुलिस की कार्रवाई, रत्ना सिंह को हिरासत में लेने और ध्रुव राठी की हिरासत से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकी है।