राहुल गांधी और एलन मस्क की बातचीत पर कांग्रेस का समर्थन, जेबी माथेर ने सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने एलन मस्क और राहुल गांधी की बातचीत पर राहुल का समर्थन किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर बाहरी और कारोबारी दबाव के आरोप लगाए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विपक्ष का प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

By  Preeti Kamal October 9th 2026 11:55 AM -- Updated: October 9th 2026 11:40 AM

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने एलन मस्क और राहुल गांधी के बीच स्टारलिंक को लेकर हुई बातचीत पर राहुल गांधी का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर देश के भीतर और बाहर के प्रभावशाली लोगों का दबाव है। माथेर ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक वह अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।

समाचार एजेंसी मीडिया से बातचीत में जेबी माथेर ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हित भारत की नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में भी कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह सरकार के फैसलों पर असर डाल रहे हैं।

एलन मस्क और राहुल गांधी के बीच क्या हुआ?

यह बयान ऐसे समय आया है, जब स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की शुरुआत से जुड़े नियामकीय मामले को चिंताजनक बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने मस्क की उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारतीय कानूनों और आवश्यकताओं का पालन करने के बावजूद स्टारलिंक को पांच वर्षों से लाइसेंस नहीं मिल पाया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था, "भारत में आपका स्वागत है, एलन। इंतजार कीजिए, जब तक आप दूसरे व्यक्ति के बारे में नहीं जान लेते।" इसके जवाब में एलन मस्क ने कहा, "धन्यवाद, राहुल। यह वास्तव में चिंताजनक है।" इस बातचीत के बाद भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया और कंपनी के भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

अमेरिकी दबाव और यूपीआई को लेकर कांग्रेस सांसद के आरोप

जेबी माथेर ने अमेरिकी सरकार की ओर से स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (Permanent Labour Certification Programme) को निलंबित किए जाने और इसके भारतीय आईटी कंपनियों पर संभावित प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी हित भारत के नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

माथेर ने यूपीआई और रुपे जैसी भारतीय भुगतान प्रणालियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इनके मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान कंपनियों के हित प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान शुल्क से जुड़े फैसलों और कुछ क्षेत्रों को दी गई छूट के पीछे प्रभावशाली कारोबारी हितों की भूमिका हो सकती है।

रिलायंस और अडानी समूह को लेकर भी उठाए सवाल

उन्होंने दूरसंचार और बिजली क्षेत्रों का जिक्र करते हुए रिलायंस और अडानी समूह को लेकर भी सवाल उठाए। माथेर ने आरोप लगाया कि एक तरफ विदेशी दबाव में नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के कुछ बड़े कारोबारी समूहों को रियायतें दी जा रही हैं। हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस सांसद के राजनीतिक दावे हैं। इन बयानों के आधार पर किसी कंपनी या कारोबारी समूह के खिलाफ किसी अनुचित हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं होती।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर जेबी माथेर ने कहा कि विपक्ष की प्रमुख मांग उनका इस्तीफा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयुक्तों की असहमति संबंधी टिप्पणियों पर पर्याप्त विचार नहीं किया जा रहा है और महत्वपूर्ण फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं।

माथेर ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देशभर में चलने वाला अभियान है। उनके मुताबिक, विपक्ष संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करने, अपनी मांगें रखने और सड़कों पर प्रदर्शन करने सहित अलग-अलग तरीकों से विरोध जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया

जेबी माथेर ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति जताने के अधिकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार या प्रशासन की आलोचना करना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना गैरकानूनी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस, गृह मंत्री या प्रधानमंत्री सहित कोई भी व्यक्ति अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। माथेर ने दोहराया कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।

प्रमोद तिवारी ने भी राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी एलन मस्क और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। तिवारी ने कहा कि आम लोगों के बीच यह धारणा है कि देश को पूंजीपति चला रहे हैं और विशेष रूप से दो बड़े कारोबारी समूहों का प्रभाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर ऐसे लोगों के हितों के अनुसार काम करने का आरोप लगाया, जो पार्टी को आर्थिक सहायता दे सकते हैं और अपने निजी हित साध सकते हैं।

स्टारलिंक की शुरुआती प्रक्रिया पर उठे सवाल

कांग्रेस सांसद तिवारी ने यह भी कहा कि भारतीयों को किसी भी कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले किफायती विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने दूरसंचार, मोबाइल सेवाओं और अन्य संचार सुविधाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को सस्ते विकल्प मिलने चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ स्टारलिंक की भारत में शुरुआत को लेकर नियामकीय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी रखने की घोषणा ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।

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