केतन अग्रवाल केस: पुलिस हिरासत में कबूलनामा अदालत में मान्य नहीं- सिया गोयल के वकील
आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि अदालत में सभी बिंदुओं को रखा जाएगा और उनकी कोशिश होगी कि सिया गोयल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ सके।
पुणे, महाराष्ट्र: केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल के अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने रविवार को कहा कि पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी द्वारा दिया गया कोई भी कथित कबूलनामा अदालत में स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष इस मुद्दे को अदालत में मजबूती से उठाएगा।
आशुतोष श्रीवास्तव ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लागू हुए भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि नए कानून की धारा 23 (जो पहले भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 थी) स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई आरोपी पुलिस हिरासत या निरुद्ध अवस्था में किसी दबाव या भय के तहत स्वीकारोक्ति करता है, तो उसे आपराधिक मुकदमे में स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जा सकता।
फिलहाल जांच जारी, आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया
आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि यदि अभियोजन पक्ष के पास कोई अन्य पुष्टिकारक (कोरॉबोरेटिव) साक्ष्य है तो वह मुकदमे के दौरान अदालत में पेश कर सकता है। फिलहाल जांच जारी है और अभी तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है, इसलिए आगे की स्थिति का इंतजार करना होगा।
अब और पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं- बचाव पक्ष
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनकी दलीलें एफआईआर में लगाए गए आरोपों, अब तक हुई जांच और जांच के दौरान सिया गोयल द्वारा किए गए सहयोग पर आधारित होंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूछताछ और जांच के लिए पर्याप्त समय तथा पुलिस रिमांड मिल चुका है, इसलिए अब और पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है।
आशुतोष श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि बचाव पक्ष अदालत से यह सवाल करेगा कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके कारण पहले दुर्घटना के रूप में दर्ज मामले को बाद में हत्या की जांच में बदल दिया गया। उनका कहना है कि बचाव पक्ष के अनुसार फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे इस मामले को हत्या का मुकदमा माना जाए।
सिया गोयल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए- आशुतोष श्रीवास्तव
आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि अदालत में इन सभी बिंदुओं को रखा जाएगा और उनकी कोशिश होगी कि सिया गोयल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ सके।
पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया गया
इससे पहले रविवार को पुणे पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहागढ़ किला ले जाकर घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराया। पुलिस ने केतन अग्रवाल के वजन के बराबर एक डमी तैयार कर यह समझने की कोशिश की कि कथित घटना कैसे हुई थी।
डीएसपी गजानन तोम्पे ने बताया कि सिया गोयल के बताए घटनाक्रम के आधार पर पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया गया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में पुलिस अधिकारियों को दोनों आरोपियों के साथ किले के विभिन्न हिस्सों में जांच करते देखा गया।