पुणे, महाराष्ट्र: पुणे ग्रामीण पुलिस ने रविवार को केतन अग्रवाल हत्याकांड के दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले ले जाकर घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) कराया।
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपियों को उसी स्थान पर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दिया गया था। पुलिस ने घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता, आरोपियों की स्थिति, उनकी गतिविधियों और पूरी घटना किस प्रकार हुई, इसका क्रमवार पुनर्निर्माण किया। आरोपियों ने इस दौरान घटना से जुड़ी जानकारी भी पुलिस को दी।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Ketan Agarwal Murder Case | Crime scene recreation is being done at Lohagad Fort for investigation.Pune Rural Police SP Sandeep Singh Gill says, The accused have been taken to the Lohagad Fort—specifically to the spot where the incident occurred—to… pic.twitter.com/Pa6GxbsC1J
— ANI (@ANI) June 28, 2026
आरोपी चेतन चौधरी की दोपहिया बाइक जब्त
इस बीच, लोनावला ग्रामीण पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी चेतन चौधरी की दोपहिया बाइक जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, इसी वाहन का इस्तेमाल कर वह पुणे से लोहागढ़ किले तक पहुंचा था। इसके अलावा घटना वाले दिन पहनी गई उसकी हुडी और हेडफोन भी बरामद कर लिए गए हैं।
#WATCH | Pune, Maharashtra: Ketan Agarwal Murder Case | Visuals from Lohagad Fort, where Police brought accused Siya Goyal for crime scene recreation. pic.twitter.com/cQmMRmQBwy
— ANI (@ANI) June 28, 2026
आरोपी के कपड़ों की फोरेंसिक जांच हुई
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई बाइक और आरोपी के कपड़ों की फोरेंसिक जांच भी कराई गई है, ताकि मामले से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। इससे पहले मुख्य आरोपी सिया गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल और पूजा गोयल भी पूछताछ के लिए लोनावला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
गौरतलब है कि 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच के दौरान हत्या की आशंका सामने आई। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल इस समय शादी नहीं करना चाहती थीं और उन पर परिवार की ओर से केतन अग्रवाल से विवाह का दबाव था।
महाराष्ट्र सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को दी मंजूरी
पुलिस ने सिया गोयल और उनके मित्र चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल 29 जून तक सात दिन की पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने को मंजूरी दी है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।
यह फैसला केतन अग्रवाल के पिता द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर जल्द न्याय की मांग करने के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने परिवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की त्वरित सुनवाई का आश्वासन दिया।
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