गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी जरूरतमंद को इलाज या आवास के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंदों के उपचार का खर्च भी उठाएगी।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

जनता दर्शन में एक महिला ने अपने लिए आवास की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। वहीं गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई लोगों ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज नहीं रुकेगा। एम्स दिल्ली में इलाज करा रही एक महिला को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता देने का आश्वासन दिया गया, जबकि दूसरी महिला के इलाज की व्यवस्था गोरखपुर एम्स या बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दबंग किसी गरीब या कमजोर व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने परिजनों के साथ आए बच्चों से भी आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया, पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें।